पटना : 581 पशु चिकित्सक मार्च तक होंगे बहाल
पटना : प्रदेश में बहुत जल्द 581 पशु चिकित्सकों की बहाली होने जा रही है. मार्च महीने तक मुख्यमंत्री के द्वारा सभी चयनित डॉक्टरों को एक साथ नियुक्तिपत्र दिया जायेगा. इससे पशु चिकित्सा क्षेत्र में पढ़ाई के प्रति लोगों में जागरूकता व रोजगार आदि विकसित होंगे. यह कहना है पशुपालन व मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति […]
पटना : प्रदेश में बहुत जल्द 581 पशु चिकित्सकों की बहाली होने जा रही है. मार्च महीने तक मुख्यमंत्री के द्वारा सभी चयनित डॉक्टरों को एक साथ नियुक्तिपत्र दिया जायेगा. इससे पशु चिकित्सा क्षेत्र में पढ़ाई के प्रति लोगों में जागरूकता व रोजगार आदि विकसित होंगे. यह कहना है पशुपालन व मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति नाथ पारस का.
दरअसल शहर के बिहार पशु विज्ञान विवि में चल रहे तीन दिवसीय इंडियन एसोसिएशन ऑफ वेटनरी माइक्रोबायोलॉजिस्ट इम्यूनोलॉजिस्ट एंड स्पेशलिस्ट इन इनफेक्शियस डीसीसेस (आइएवीएमआइ) का 32वां वार्षिक सम्मेलन का समापन बुधवार को किया गया. राष्ट्रीय अधिवेशन के समापन समारोह के मुख्य अतिथि पशुपति नाथ पारस थे.
पशुपालन क्षेत्र में 10 प्रतिशत की वृद्धि : अवसर पर विवि के कुलपति डॉ रामेश्वर सिंह ने कहा की पिछले साल पशुपालन में 10 प्रतिशत की वृद्धि हुई और मत्स्य के क्षेत्र में 15.4% की वृद्धि दर्ज की गयी है. वहीं, विवि के जनसंपर्क अधिकारी डॉ सत्या कुमार ने कहा कि वैक्सीन के मदद से हम पशुओं को बचा सकते है. वैक्सीन के रखरखाव की बहुत बड़ी समस्या है.
वैक्सीन को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज की आवश्यकता पड़ती है. बिना कोल्ड स्टोरेज के वैक्सीन को कैसे बचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सूअर, भेड़, बकरी के पालन और प्रबंधन पर काम करने की जरुरत है. मौके पर काफी संख्या में पशु चिकित्सक मौजूद थे.