पटना : सड़क दुर्घटना में कमी लाने के लिए इंजीनियरिंग, इमरजेंसी, इंफोर्समेंट व एजुकेशन पर जोर देने की पहल की गयी है. ताकि इन चारों चीजों पर ध्यान देने से सड़क दुर्घटना में कमी लायी जा सके. बिना समय गंवाये दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की इलाज हो तो उसकी जान बचायी जा सकती है.
सड़क सुरक्षा को लेकर गठित बिहार राज्य सड़क सड़क सुरक्षा परिषद की लीड एजेंसी के तहत संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय हुई है. सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर चार-इ पर विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किये.
पहला सड़क निर्माण के दौरान रोड साइनेज पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया गया. पथ निर्माण के अभियंताओं को जानकारी दी गयी कि डीपीआर बनाने के समय उन चीजों काे शामिल किया जाये, जिससे लोग सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक हो सके.
दूसरा दुर्घटना में तत्काल घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने पर उसका जीवन बचाया जा सकता है. इसलिए अस्पतालों में इमरजेंसी ट्रीटमेंट करने में लापरवाही नहीं होनी चाहिए.
इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी अस्पतालों को निर्देश मिलना जरूरी है कि बिना समय गंवाये दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का इलाज होना चाहिए. तीसरा सड़क सुरक्षा से जुड़े पदाधिकारियों को लोगों को जागरूक करने के लिए सड़क सुरक्षा नियमों का पालन कराने के लिए इंफोर्स करने की आवश्यकता है. चौथा एजुकेशन के माध्यम से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लायी जा सकती है.
