पटना : अफवाहों पर ध्यान न दें, करें सीधा संवाद : सीबीएसइ

केके पाठक को देना होगा जुर्माना अर्जी खारिज. नियमों के विरुद्ध काम करने का लगा है आरोप पटना : नियमों के विरुद्ध काम करने के आरोप में बिहार के वरीय आइएएस अधिकारी केके पाठक पर पटना हाइ कोर्ट द्वारा लगाये गये जुर्माने पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए उनकी अर्जी को ख़ारिज […]

केके पाठक को देना होगा जुर्माना
अर्जी खारिज. नियमों के विरुद्ध काम करने का लगा है आरोप
पटना : नियमों के विरुद्ध काम करने के आरोप में बिहार के वरीय आइएएस अधिकारी केके पाठक पर पटना हाइ कोर्ट द्वारा लगाये गये जुर्माने पर कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इंकार करते हुए उनकी अर्जी को ख़ारिज कर दिया.
न्यायमूर्ति राजीव रंजन प्रसाद की एकलपीठ ने के के पाठक की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया. इसके पूर्व अदालत को बताया गया कि स्टाम्प ड्यूटी समय पर जमा नहीं किये जाने से नाराज श्री पाठक ने विभिन्न जिला के उप निबंधको के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था. के के पाठक के इसी आदेश को स्टेट बैंक आफ इंडिया के सात शाखा प्रबंधकों ने हाइ कोर्ट में रिट याचिका दायर कर चुनौती दी थी.
मामले पर सुनवाई के बाद हाइ कोर्ट ने दर्ज प्राथमिकी को निरस्त कर दिया. साथ ही राज्य सरकार को कहा था कि वे प्रत्येक शाखा प्रबंधक को जिनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश श्री पाठक ने दिया है उन्हें पच्चीस पच्चीस हज़ार रुपया दिया जाय.साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा था कि इस राशि की वसूली श्री पाठक के पॉकेट से की जाये. श्री पाठक की ओर से कोर्ट में एक आवेदन दायर की गई .
कोर्ट ने श्री पाठक के आवेदन पर सुनवाई कर जुर्माने राशि पर रोक लगा दी थी. लेकिन हाइकोर्ट के आदेश को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी. गत वर्ष 30 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ इंकार करते हुए अर्जी को खारिज कर दिया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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