पुलिसकर्मियों की कमी और उनकी मनमानी पर लगाम लगाने के लिए सेक्शन में बांटने का निर्देश जारी
पटना : अब एक-एक पुलिसकर्मियों से काम लिया जायेगा. ड्यूटी के नाम पर मस्ती नहीं चलेगी. पुलिसकर्मियों पर लगाम लगाने के लिए डीआइजी सेंट्रल राजेश कुमार ने पटना जिला की एसएसपी गरिमा मलिक को नौ हजार हवलदारों व जवानों को 1200 सेक्शन में बांटने का निर्देश दिया है.
साथ ही नालंदा जिले के एसपी को भी वहां के पुलिसकर्मियों को सेक्शन में बांटने का निर्देश दिया है. यह व्यवस्था डीआइजी ने इसलिए की है ताकि जवानों की कमी की समस्या न हो और थानों के साथ ही पुलिस लाइन में तैनात पुलिसकर्मियों से काम लिया जा सके.
इस व्यवस्था के बाद वैसे पुलिसकर्मियों की मनमानी पर रोक लग सकेगी जो खुद की मर्जी से ड्यूटी करते हैं और बिना अपने सीनियर को जानकारी दिये गायब हो जाते हैं. अगर सीनियर ने कोई काम दिया तो करने में भी आनाकानी करते हैं.
एक साल के लिए होगा सेक्शन : पटना पुलिस लाइन में कुल नौ हजार हवलदार व सिपाही हैं. इसमें डीएपी, बीएमपी, सैप और होमगार्ड के जवान भी शामिल हैं. इन सभी को सेक्शन में बांटा जायेगा.
इस प्रकार कुल 12 सौ सेक्शन फोर्स का गठन होगा. इसमें हर एक सेक्शन में एक हवलदार व चार सिपाही शामिल होंगे. इनमें हवलदार सीनियर होगा और वह अपने सेक्शन का इंचार्ज होगा. यह सेक्शन एक साल के लिए होगा. इनका इस्तेमाल किसी घटना, पेट्रोलिंग, अपराधियों की गिरफ्तारी, हंगामा-बवाल होने की स्थिति में किया जायेगा. बड़े थानों को सात सेक्शन, जबकि छोटे थानों को पांच सेक्शन दिये जायेंगे.
