पटना : मुजफ्फरपुर, सुपौल और सीवान में नहरों के किनारे लगेंगे पौधे
पटना : राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के लिए नहरों और नदियों के किनारे अगले दो साल में एक लाख ग्यारह हजार पौधे लगाये जायेंगे. पांच जिलों में 53 किमी की लंबाई में लगाये जाने वाले पौधों से पर्यावरण संतुलन की दिशा में फायदा होगा. इससे 2022 तक राज्य का हरित आवरण बढ़ाकर 17 फीसदी […]
पटना : राज्य में हरित आवरण बढ़ाने के लिए नहरों और नदियों के किनारे अगले दो साल में एक लाख ग्यारह हजार पौधे लगाये जायेंगे. पांच जिलों में 53 किमी की लंबाई में लगाये जाने वाले पौधों से पर्यावरण संतुलन की दिशा में फायदा होगा.
इससे 2022 तक राज्य का हरित आवरण बढ़ाकर 17 फीसदी का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिल सकेगी. नहर तट फार्म योजना के तहत लगाये जाने वाले पौधों के लिए सरकार ने तीन करोड़ तेरह लाख छियालीस हजार रुपये की मंजूरी दी है.
वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की इस योजना के तहत 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के दौरान यह पौधे लगाये जायेंगे. इसमें अररिया जिला के फारबिसगंज प्रखंड में कजरा धार के किनारे, सहरसा जिला के सोनवर्षा प्रखंड में दुर्गापुर माइनर के किनारे, मुजफ्फरपुर जिला के मोतीपुर प्रखंड में मोतीपुर मनबांध, चैनपुर माइनर और बोचहां प्रखंड में नुन कदाने नदी बांध पर पौधे लगाये जायेंगे.
सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड के मुख्य नहर, सीवान जिला के लकड़ी नवीगंज प्रखंड में नरहरपुर से गोपालपुर और महाराजगंज प्रखंड के जस्तीमाई स्थान से जलालपुर तक पौधारोपण होगा.
- वर्ष 2018-19, 2019-20 और 2020-21 के दौरान ये पौधे लगाये जायेंगे
- सरकार ने तीन करोड़ तेरह लाख छियालीस हजार रुपये की स्वीकृति दी है