एक क्लिक में मिलेगी एफआइआर की जानकारी
पटना : उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बिहार सरकार ने 270 करोड़ की लागत से क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम की शुरुआत की है. इसके तहत अब तक छह लाख 12 हजार एफआइआर दर्ज की जा चुकी है.
हर थाने में कंप्यूटर लगाये जा रहे हैं. अब कंप्यूटर के एक क्लिक से किसी अपराधी के चेहरा, क्राइम रिकॉर्ड, दूसरे राज्यों में दर्ज एफआइआर समेत तमाम जानकारी प्राप्त की जा सकती है. गुरुवार को अधिवेशन भवन में आयोजित तीसरा ‘नेशनल फॉरेंसिक कॉन्फ्रेंस’ को संबोधित करते हुए कहा कि थानों के साथ-साथ कोर्ट और जेल को भी कंप्यूटरीकृत किया जा रहा है. जेल में बंद अपराधियों को कोर्ट में लाये बिना भी उसका ट्रायल किया जा सकता है.
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था के अलावा अब अपराधियों की पहचान बाल की फॉरेंसिक जांच, नारको टेस्ट, कारतूस की जांच जैसे अन्य तरीकों से अपराधी की पहचान कर उस तक पहुंचा जा सकता है. डिप्टी सीएम ने साइबर अपराध को बड़ी चुनौती बताते हुए कहा कि उसका मुकाबला आधुनिक तकनीकों से ही संभव है.
डाटा की सुरक्षा भी बड़ी चुनौती है, जिसके पास डाटा है वही दुनिया पर राज करेगा. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, नैनो टेक्नोलॉजी और जेनेटिक इंजीनियरिंग के इस दौर में जिसके पास हुनर है, उसके लिए जॉब की कमी नहीं है.
