पटना : बिहार डॉक्टर्स एसोसिएशन ने बुधवार को एक आपातकालीन बैठक बुलायी. इसमें उन्होंने सरकारी चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण छात्रों का औसत प्राप्तांक निजी मेडिकल कॉलेज से कम आने पर सवाल खड़ा किया. जानकारी देते हुए एसोसिएशन के सचिव डॉ विनय कुमार ने कहा कि हर बार निजी मेडिकल कॉलेज के छात्रों का नंबर कैसे अधिक आता है. इसका असर सीनियर रेजीडेंट आदि पदों पर बहाली के दौरान मेरिट लिस्ट में देखने मिलता है.
एसोसिएशन के सदस्यों ने कहा कि अभी हाल ही में सीनियर रेजीडेंट का रिजल्ट जारी किया गया है. डॉक्टरों ने 22 जनवरी को जारी सीनियर रेजीडेंट के रिजल्ट को रद्द करने की मांग किया. डॉक्टरों ने कहा कि अगर रिजल्ट रद्द नहीं किया गया तो 48 घंटे बाद आंदोलन के लिए जूनियर डॉक्टर बाध्य हो जायेंगे. इस मौके पर एसोसिएशन के काफी संख्या में डॉक्टर मौजूद थे.
