बिहार में भी गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण जल्द : नीतीश कुमार

2021 में हो जाति आधारित जनगणना पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में भी गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू होगा. केंद्र सरकार ने इसे अपनी केंद्रीय सेवाओं में लागू करने के लिए अधिसूचित कर दिया है. बिहार में भी इस संवैधानिक प्रावधान को जल्द लागू कर दिया जायेगा. मुख्यमंत्री […]

2021 में हो जाति आधारित जनगणना
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में भी गरीब सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण लागू होगा. केंद्र सरकार ने इसे अपनी केंद्रीय सेवाओं में लागू करने के लिए अधिसूचित कर दिया है. बिहार में भी इस संवैधानिक प्रावधान को जल्द लागू कर दिया जायेगा.
मुख्यमंत्री सोमवार को सीएम आवास में आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे. लोक संवाद के दौरान छह लोगों ने अलग-अलग विषयों पर सुझाव दिये. मुख्यमंत्री कहा कि फिलहाल सवर्ण आरक्षण से जुड़े तमाम तकनीकी और कानूनी पक्षों का अध्ययन किया जा रहा है.
यह देखा जा रहा है कि इस नियम को राज्य में लागू करने के लिए कोई शासकीय आदेश निकालने की जरूरत पड़ेगी या कोई अलग से कानून बनाकर पास करना होगा. इन दोनों पहलुओं पर कानूनी राय ली जा रही है. इसके बाद इसे लागू कर दिया जायेगा. सीएम ने कहा कि वर्ष 2021 में होने वाली जनगणना जाति आधारित होनी चाहिए.
अच्छा तो यह होगा कि सभी को आबादी के अनुरूप ही आरक्षण दे दिया जाये. जाति आधारित जनगणना होने से यह स्पष्ट हो जायेगा कि किस जाति की कितनी हिस्सेदारी है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में एससी-एसटी और धर्म के आधार पर जनगणना होती है.
इससे इनका स्पष्ट आंकड़ा पता रहता है. इसी तरह अन्य जातियों की भी जनगणना होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि सीएम ने कहा कि विशेष राज्य दर्जा की मांग उनकी अकेले की नहीं है, बल्कि यह सर्वदलीय मांग है. इसके लिए विधानमंडल से प्रस्ताव पारित करके केंद्र को सौंपा गया था. यह मांग आज भी बदस्तूर जारी है.
उन्होंने असम के नागरिकता बिल और तीन तलाक मामले पर भाजपा के विचार का साथ नहीं देने की अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि यह देखना होगा कि राज्यसभा में कांग्रेस क्या करती है. अगर असम नागरिकता बिल पर राज्यसभा में कांग्रेस वाकआउट करती है, तो यह स्पष्ट हो जायेगा कि वह बिल के समर्थन में है. यह असम के लोगों की पहचान से जुड़ा मुद्दा होने के कारण जदयू इसका विरोध कर रहा है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ मुद्दों पर भाजपा से सिर्फ विचार अलग हैं, लेकिन उनका आपस में कोई मतभेद नहीं है.
मिलकर अच्छे से चुनाव लड़ेंगे. कांग्रेस के ‘दिल न मिले, हाथ मिलना चाहिए’ वाले वक्तव्य पर उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि इस पर कुछ कहने की जरूरत नहीं, यह अपने आप में स्थिति को बताने के लिए पर्याप्त है. किसके साथ कौन रहेगा और कौन कहां जायेगा, इस तरह की महागठबंधन से जुड़ी किसी स्थिति पर टिप्पणी करने से उन्होंने इन्कार कर दिया.
मार्च में एनडीए की रैली संभव
मुख्यमंत्री ने संभावना जतायी कि मार्च में एनडीए की रैली हो सकती है, जिसमें पीएम नरेंद्र मोदी भी शामिल हो सकते हैं. इसकी तारीख तीन मार्च हो सकती है. सीएम से जब पूछा गया कि तीन फरवरी को कांग्रेस की जन आकांक्षा रैली में राहुल गांधी उनकी पोल खोलेंगे, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह तो अच्छी बात है. उन्हें भी तो पता चले कि क्या पोल खोलते हैं.
जो खुद होते हैं कायर, वे करते हैं मॉब वायलेंस
मुख्यमंत्री ने मॉब वायलेंस (भीड़ की तरफ से की गयी हिंसा) को बेहद खराब करार देते हुए कहा कि जो लोग कायर होते हैं और परिवार में भी बात-बात पर झेलते रहते या अन्य कहीं मार खाते चलते हैं, वे ही इस तरह की घटना को अंजाम देते हैं. यह लोगों की मानसिकता है, ऐसी घटनाओं में लॉ एंड ऑर्डर जैसी कोई बात नहीं है. इसके लिए भी सामाजिक कैंपेन चलना चाहिए.
इवीएम से ही हों चुनाव
सीएम ने कहा, चुनाव इवीएम से ही होने चाहिए. साथ ही वीवीपैट भी हर बूथ पर होना चाहिए. सीएम ने मतदाता पर्ची को प्रत्येक मतदाता के घर पर पहुंचाने और रिसिविंग लेने की व्यवस्था करने की वकालत की. प्रत्येक मतदाता के पते पर यह पहुंचना चाहिए, ताकि किसी एक व्यक्ति को इसे दे देने से गड़बड़ी की आशंका बढ़ जाती है.
10% आरक्षण पर केंद्र को हाइकोर्ट का नोटिस
चेन्नई : सामान्य वर्ग के गरीबों को 10% आरक्षण देने के कानून पर मद्रास हाइकोर्ट ने केंद्र को नोटिस भेजा है. हाइकोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार 18 फरवरी तक इस पर जवाब दाखिल करे. डीएमके के संगठन सचिव की याचिका पर हाइकोर्ट ने नोटिस जारी किया है.

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