एक्शन में पुलिस : एसएसपी के निर्देश पर बाढ़, मोकामा, बख्तियारपुर, बिहटा व दानापुर में छापेमारी
पटना : हत्या, लूट, डकैती, किडनेपिंग, बलात्कार जैसे संज्ञेय अपराध को कंट्रोल करने के लिए पटना पुलिस ने पूरी प्लानिंग के साथ कार्रवाई शुरू कर दिया है. एसएसपी गरिमा मलिक के निर्देश के बाद एसडीपीओ व डीएसपी के नेतृत्व बाढ़, मोकामा, बख्तियारपुर, पंडारक, नौबतपुर, बिहटा व दानापुर, मसौढ़ी इलाके में मंगलवार की देर रात कई जगहों पर छापेमारी की गयी. इस दौरान हत्या के आरोप में फरार चल रहे कुल 11 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है.
वहीं लूट के दो और डकैती केस में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एसएसपी ने साफ कर दिया है कि हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी जैसे मामले को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. कहीं पर भी ऐसी घटना होती है तो पटना पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी. वहीं, कदमकुआं थाना क्षेत्र के नया टोला में सोमवार की रात की गयी फायरिंग और शशि ब्वॉयज हॉस्टल के संचालक अभिषेक सहाय पर हुए हमले का एसएसपी ने संज्ञान लिया है. उन्होंने तत्काल नामजद समेत अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है. इस मामले में सेंटी नामजद है और बिल्ला को भी चिह्नित किया गया है.
चार्जशीट को लेकर शाहपुर थानेदार को फटकार : मारपीट, जानलेवा हमला समेत अन्य मामले में केस दर्ज कराने के बाद भी आरोपित पति के खिलाफ चार्जशीट नहीं होने की शिकायत बुधवार को एसएसपी के पास पहुंची थी. पीड़िता मां-बेटी ने आरोप लगाया है कि उसके पिता, चाचा शराब के नशे में मारपीट करते हैं, लेकिन पुलिस न तो मदद करती है और न ही उनके केस में चार्जशीट करती है. इस पर एसएसपी ने शाहपुर थानेदार को फटकार लगायी.
पटना. पुलिस महानिदेशक केएस द्विवेदी ने पुलिस को वांछितों और कुख्यातों की गिरफ्तारी, कुर्की- जब्ती के लिये 15 जनवरी तक अभियान चलाने के आदेश दिये हैं. एसएसपी और एसपी को निर्देश हैं कि वह इस अभियान की कड़ी मॉनीटरिंग करें. अभियान के तहत सभी थानेदारों ने टीमें बनाकर अपने-अपने क्षेत्र में 24 घंटे की छापेमारी शुरू करा दी है ताकि अधिक से अधिक वांछित गिरफ्तार किये जा सकें. प्रदेश में हजारों की संख्या में वारंटी फरार हैं. इस आदेश ने महकमा में खलबली है.
डीजीपी कानून व्यवस्था की जिलावार समीक्षा करने 16 जनवरी से प्रदेश भर के दौरा पर निकलेंगे. इसमें सबसे पहला सवाल इस अभियान को लेकर ही होगा. वे हत्या, डकैती, महिला और बच्चों से जुड़े अपराध, आर्थिक, साइबर, अपहरण, नारकोटिक्स, मानव तस्करी आदि अपराधों की समीक्षा के साथ ही डीजीपी यह भी देखेंगे कि पूर्व में उनके आदेशों पर कितना अमल हुआ.
डीजीपी ने सितंबर में तीन पेज की सभी जिलों को एडवाइजरी जारी की थी. डीजीपी यह भी दखेंगे कि नाका, गश्ती, चेकिंग, दागियों की जांच, गिरफ्तारी, जब्ती के साथ ही पेट्रोलिंग एवं नाकाबंदी पर कितना ध्यान दिया गया है. थानाध्यक्ष को भी गश्त करने तथा अंचल निरीक्षक, एसडीपीओ और एसपी को निर्धारित मापदंड के अनुरूप गस्ती व गस्ती की जांच करने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी.
