पटना : प्रदेश में जिलास्तर पर बालू की कीमत का निर्धारण डीएम करेंगे. वहीं, प्रदेश में बालू की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पश्चिम बंगाल से ट्रेनों के माध्यम से बालू मंगवाने का निर्णय लिया गया है. इस बालू की आपूर्ति फिलहाल मुजफ्फरपुर, सहरसा और दरभंगा जिले में की जायेगी. बालू के मूल्य नियंत्रण पर सख्त निगरानी होगी. इसके लिए खान एवं भूतत्व विभाग ने सभी क्षेत्रीय प्रभारी खनन पदाधिकारियों को निर्देश दिया है.
खान एवं भूतत्व विभाग के सूत्रों का कहना है कि पिछले दिनों पटना जिले में 3200 रुपये प्रति 100 सीएफटी की दर से आम उपभोक्ताओं को बालू उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गयी थी. हालांकि, बालू की दर
नदी घाटों (पिट्स हेड) पर 1050
रुपये प्रति 100 सीएफटी निर्धारित
है. इसके अलावा वहां से ढोने का परिवहन खर्च अलग से जोड़कर संबंधित स्थान पर बालू उपलब्ध करवाया जाता है.
बालू की कीमत में उतार-चढ़ाव की शिकायत
बालू खनन वाले नदी घाटों से दूरी बढ़ने पर परिवहन खर्च भी बढ़ जाता है. ऐसे में हर जिले में अलग-अलग दर से बालू मिल रही थी. सूत्रों का कहना है कि खान एवं भूतत्व विभाग को प्रदेश भर से उपभोक्ताओं से बालू की कीमत में उतार-चढ़ाव की शिकायत मिल रही थी. इसलिए पिछले दिनों विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान बालू के मूल्य नियंत्रण को लेकर सख्ती बढ़ाने पर विचार-विमर्श और निर्णय हुआ.
उचित दर पर लोगों को मिलेगा बालू
समीक्षा बैठक में खान एवं भूतत्व विभाग की प्रधान सचिव अंशुलि आर्या ने कहा कि बालू का बाजार दर संबंधित जिला के डीएम निर्धारित करेंगे. दर निर्धारण के बारे में आम लोगों को जानकारी देने के लिए स्थानीय जिला के दो समाचार-पत्रों में विज्ञापन निकाला जायेगा. इसका मकसद आमलोगों को उचित दर पर बालू उपलब्ध करवाना है.
खान एवं भूतत्व विभाग ने पटना जिले के नदी घाटों के बंदोबस्तधारियों द्वारा आम उपभोक्ताओं को आसानी से बालू उपलब्ध करवाने के लिए तीन स्थानों पर व्यवस्था की है. इसमें सगुना मोड़, 70 फीट, दीघा पुल व फुलवारीशरीफ शामिल हैं. इन सभी स्थानों पर Rs 3200 प्रति 100 सीएफटी पीला बालू उपलब्ध करवाया जा रहा है.
