पटना : होमियोपैथिक कॉलेजों के छात्रों के एडमिशन की वैधता के मामले में पटना हाइकोर्ट ने सुनवाई के बाद अपना आदेश सुरक्षित रख लिया. न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह की एकलपीठ में महर्षि मेंहीं होमियोपैथी मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल एवं अन्य की ओर से दायर कई रिट याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए अपना आदेश सुरक्षित कर लिया.
मालूम हो कि सूबे के पांच निजी होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज ने बीएचएमएस कोर्स के लिए सत्र 2016-17 में छात्रों का दाखिला अपने कॉलेज में लिया था. दाखिले के बाद इन छात्रों को परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया कि उनका नामांकन वैध नहीं है.
इसी को लेकर यह रिट याचिका दायर की गयी है. राज्य में होमियोपैथी की पढ़ाई की डिग्री देने वाला इकलौता विश्वविद्यालय भीम राव आंबेडकर बिहार विवि है. विवि प्रशासन का आरोप है कि इन कॉलेजों में सत्र 2016-17 में केंद्रीय होमियोपैथिक काउंसिल के नियमों की अनदेखी कर नामांकन किया गया है.
