पटना : राज्य में मनरेगा योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय उपलब्धि पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान नौ करोड़ मानव दिवस सृजित करने के लक्ष्य में आठ करोड़ मानव दिवस सृजित हो गये हैं.
नवंबर 2018 तक सृजित किये गये मानव दिवस के अनुरूप एक हजार 935 करोड़ 71 लाख रुपये का लेवर बजट भी आवंटित कर दिया गया है. यह निर्धारित लक्ष्य का 96.62 प्रतिशत उपलब्धि है. मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की तरफ से निर्धारित मनरेगा की मजदूरी दर 168 रुपये प्रति मानव दिवस के बदले राज्य सरकार प्रत्येक कार्य दिवस के लिए मनरेगा मजदूरों को 177 रुपये का भुगतान करती है.
नौ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार राज्य सरकार अपने स्तर पर वहन करती है. उन्होंने कहा कि इस वित्तीय वर्ष के दौरान सभी मजदूरों की मजदूरी ई-पेमेंट के जरिये सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर की गयी है. सामग्री मुहैया कराने वाले आपूर्तिकर्ताओं को भी सीधे उनके बैंक खाते में ही पैसे ट्रांसफर किये गये हैं. 87 फीसदी मानव दिवस का भुगतान 15 दिनों के अंदर कराया गया है.
2018 तक करीब 13 हजार जॉब कार्डधारी परिवारों को न्यूनतम 100 दिन या इससे अधिक का रोजगार उपलब्ध कराया गया है. इसमें एससी-एसटी परिवारों का प्रतिशत 22.30 है. मनरेगा योजना में सामग्री, प्रशासनिक और इसमें जुड़े अन्य मनरेगा कर्मियों के वेतन समेत अन्य पर हो रहे व्यय को जोड़ते हुए मानव दिवस में व्यय का आकलन किया जाये, तो यह 279 रुपये प्रति मानव होता है.
