पटना : सरकार रोजगार मेले के साथ- साथ अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देगी. क्योंकि, अब रोजगार मेले के साथ-साथ अप्रेंटिस को भी जोड़ दिया गया है. भागलपुर में रोजगार सह अप्रेंटिस मेला सफल रहा है. कंपनियां जरूरत के मुताबिक ट्रेनिंग देंगी, फिर रोजगार भी मिलेगा. 21 दिसंबर को पटना में अप्रेटिंस को बढ़ावा देने के लिए रोड शो का आयोजन किया जायेगा. श्रम विभाग राज्य के सरकारी उपक्रमों में अप्रेंटिस की बहाली के लिए भी विभिन्न विभागों से समन्वय स्थापित करने में लगा है. पहले की तरह आरटीडी योजना भी लागू रहेगी.
21 को पटना में अप्रेंटिस को बढ़ावा देने के लिए रोड शो
दस फीसदी तक रखना है अप्रेंटिस
जिन संस्थानों में 40 से अधिक लोग काम करते हैं उनको नियमानुसार अपनी कुल मानव बल क्षमता का ढाई से लेकर 10 फीसदी तक अप्रेंटिस रखना होता है. लेकिन, इसका पालन कम होता है. अप्रेंटिस को न्यूनतन वेतन का 70 फीसदी तक कंपनियों या उपक्रमों को देना होता है.
किसी कंपनी में जब कोई अप्रेंटिस में बहाल होता है, तो वह उस कंपनी की कर्मी हो जाता है. प्रशिक्षण के बाद वह उस कंपनी का पूरी तरह से कर्मचारी हो जाता है. श्रम संसाधन विभाग के प्रधान सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि राज्य में निजी क्षेत्र में तो अप्रेंटिस की कम संभावना है, लेकिन सरकारी उपक्रमों में काफी संभावना है. राज्य पुल निर्माण निगम, बिहार राज्य पथ विकास निगम सहित कई सरकारी उपक्रम हैं. इनमें अप्रेंटिस बहाली की काफी संभावना है. नौजवानों का भी अप्रेंटिसशिप में काफी दिलचस्पी होगी. सरकारी उपक्रमों से इस संबंध में बात हुई है. विभाग इसको प्रमोट करेगा. भागलपुर में लगा रोजगार सह अप्रेंटिश मेला का अच्छा रिस्पांस रहा है.
आरटीडी योजना भी रहेगी लागू
राज्य में पहले बहाली, प्रशिक्षण उसके बाद नियुक्ति ( आरटीडी) योजना लागू रहेगी. इस योजना में प्रशिक्षण का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करती है. इस योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कंपनी अपनी जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग देती है और प्लेसमेंट हो जाता है. आरटीडी योजना से प्रशिक्षण पर दोबारा खर्च नहीं होता है.
