पटना : न्यायालयों का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने से बढ़ेगी रफ्तार, मिलेगा त्वरित न्याय

पटना : पटना उच्च न्यायालय से लेकर अधीनस्थ न्यायालयों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है. इसका लाभ भी जनता को मिल रहा है. सुनवाई की तारीख से लेकर तमाम अन्य कार्यों के लिए ऑनलाइन सूचना प्रेषित की जा रही है. एसएमएस के माध्यम से भी सूचनाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. समय […]

पटना : पटना उच्च न्यायालय से लेकर अधीनस्थ न्यायालयों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया रफ्तार पकड़ चुकी है. इसका लाभ भी जनता को मिल रहा है. सुनवाई की तारीख से लेकर तमाम अन्य कार्यों के लिए ऑनलाइन सूचना प्रेषित की जा रही है.
एसएमएस के माध्यम से भी सूचनाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. समय के साथ ही आने वाले दिनों में फरियादियों को अन्य सुविधाएं भी मिलने लगेंगी. इस नयी व्यवस्था के संचालन को लेकर भी सरकार गंभीर है.
बिना रुकावट के इसके संचालन और तकनीकी कार्यों के लिए स्टाफ की भी जरूरत थी. उच्च न्यायालय से आये प्रस्ताव के बाद सरकार ने 18 विभिन्न कोटि के तकनीकी पदों के सृजन के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है. इससेउच्च न्यायालय व अधीनस्थ न्यायालयों के कंप्यूटराइजेशन, डिजिटाइजेशन कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगे. साथ ही बेहतर ढंग से मॉनीटरिंग भी हो पायेगी. खास बात यह है कि जो भी पद सृजित किये गये हैं, संविदा केआधार पर नियुक्ति होगी. स्टाफ की नियुक्ति होने से त्वरित न्याय का रास्ता भी साफ होगा.
व्यवहार न्यायालयों में भी सुविधाएं
व्यवहार न्यायालय हों या अनुमंडलीय न्यायालय, सब जगह ऑनलाइन व्यवस्था
हो रही है. केस की तारीख पड़ने की सूचना अब एसएमएस से भेजी जाती है. पटना हाईकोर्ट की वेबसाइट पर पहले से ही केस स्टेटस का विकल्प दिया गया है.
इसको आगे बढ़ाते हुए व्यवहार न्यायालय के स्तर तक इन सब जानकारियों को समाहित किया जा रहा है. न्यायिककर्मी मुकदमे से संबंधित डाटा को वेबसाइट पर अपलोड करने में जुटे हुए हैं. एक बार पूरा डाटा अपलोड होने के बाद इसे उच्च न्यायालय के साइट से से जोड़ दिया जायेगा. तारीख का एसएमएस एलर्ट के लिए वादी और प्रतिवादी के मोबाइल नंबर भी फीड करने की प्रक्रिया जारी है. सूत्रों के मुताबिक न्यायिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए यह सारी कवायद पटना हाईकोर्ट के निर्देश पर हो रही है.
– कोर्ट केस मैनेजमेंट सिस्टम भी राह करेगा आसान : सूचना तकनीक से
राजस्व न्यायालयों को भी लैस कर दिया गया है. सूत्रों की मानें तो प्रदेश में राजस्व मामलों के निबटारे के लिए अंचलाधिकारी से लेकर राजस्व पर्षद तक 800 कोर्ट हैं. इन न्यायालयों के कार्य व निबटारे किये जा रहे मामलों की सुनवाई और फैसलों के खिलाफ अपील के मामले को एक केंद्रीकृत प्रणाली के अंतर्गत लाया जा रहा है. इसके जरिये किसी भी मामले में एसएमएस अलर्ट से आवेदक और प्रतिपक्षी को सूचना मिल सकेगी.

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