सावधान : संभल कर करें एटीएम से निकासी, वरना हो सकता है लाखाें का नुकसान
पटना : पूरे देश में एटीएम जालसाजों के निशाने पर हैं. एटीएम में जालसाजी कर पैसे निकालने वाले गिरोह पटना में भी सक्रिय हैं. जिसका नतीजा यह है कि एटीएम कार्ड पॉकेट में रह जाता है. जालसाज पैसे की निकासी कर ले रहे हैं.
पहले जहां एटीएम कार्ड को बदल कर, पिन कोड को जान कर पैसे की निकासी जालसाज करते थे. लेकिन अब जालसाजों ने जालसाजी के लिए एडवांस तरीके अपना रखे हैं. अब जालसाज गिरोह एटीएम कार्ड का क्लोन तैयार कर लेते हैं और पिन कोड की जानकारी लेने के बाद आसानी से पल भर में हजारों रुपये की निकासी या ऑनलाइन मार्केटिंग कर ले रहे हैं. जबकि लोगों को यह आश्चर्य होता है कि उनका एटीएम कार्ड तो उनके पास ही है, तो फिर उनके एकाउंट से पैसे की निकासी कैसे हो गयी?
एटीएम कार्ड का ब्लू प्रिंट लेकर तैयार करते हैं क्लोन : गिरोह के सदस्य मैग्नेटिक चिप की मदद से एटीएम का ब्लू प्रिंट लेते हैं और इसके बाद कार्ड का क्लोन तैयार कर रुपये निकालते है. एटीएम मशीन के कार्ड स्वैपिंग स्लॉट पर एक विशेष मैग्नेटिक डिवाइस लगा दी जाती है. चिप के आकार की यह डिवाइस एटीएम कार्ड के बारकोड व चिप की सारी इंफॉर्मेशन को कॉपी कर लेती है. इस डिवाइस की मदद से जालसाज कार्ड का ब्लूप्रिंट तैयार कर लेते हैं. इसके अलावा एटीएम की पैड को सीपीयू और कार्ड रीडर से जोड़कर भी एटीएम की क्लोनिंग की जाती है.
कैमरे से पिन कोड होता है चोरी
जालसाज एटीएम रूम की छत पर एक खुफिया कैमरा फिट कर देते हैं. इस कैमरे का काम खाता धारक के पिन कोड को देखना होता है.
एटीएम क्लोनिंग से जुड़े कुछ मामले :
-कोतवाली थाना में एक ऐसा मामला सामने आया था, जिसमें खाता धारक व एसडीओ राजनंदन प्रसाद के एटीएम पॉकेट में ही थे और उनके खाते से दो लाख 40 हजार रुपये निकल गये. खाता अपडेट करने गये, तब पता चला.
– बुद्धा कॉलोनी निवासी यास्मीन परवीन के पास उनका एटीएम था, लेकिन दिल्ली से जालसाजों ने 80 हजार रुपये निकाल लिये थे.
