पटना : मुजफ्फरपुर शेल्टर होम प्रकरण को लेकर विधान परिषद में खूब हंगामा हुआ. इस मामले में विपक्ष ने कार्य स्थगन प्रस्ताव लाकर बहस कराने की मांग की. प्रस्ताव अमान्य होने पर हंगामा होने लगा तो सदन की कार्यवाही 14 मिनट बाद ही स्थगित करनी पड़ी.
भोजनावकाश के बाद भी विपक्ष इसी मुद्दे को लेकर बेल में पहुंचकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगा. हंगामा के बीच सीएजी का वर्ष 16-17 का प्रतिवेदन उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पटल पर रखा. औद्योगिक विवाद संशोधन विधेयक 2018 भी श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पेश किया जो बिना संशोधन के ही पारित हो गया. 10 मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही शुक्रवार को दोपहर 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गयी.
इससे पूर्व भाकपा के केदार नाथ पांडेय ने राजद के पांचों सदस्यों का निलंबन वापस लेने का प्रस्ताव पेश किया. प्रश्नकाल में दिलीप चौधरी ने मदरसा शिक्षकों की समस्याओं का मामला उठाया. सरकार इस पर अपना जवाब देती इससे पहले ही राजद के मुख्य सचेतक सुबोध कुमार ने शेल्टर हाेम मामले में सरकार के संलिप्त होने का आरोप लगाते हुए सदन में इस पर चर्चा कराने को कार्य स्थगन प्रस्ताव पेश किया. आसन ने इसे अमान्य कर दिया. डॉ पूर्वे ने सीतामढ़ी में अल्पसंख्यक समुदाय के व्यक्ति को जिंदा जलाने का मामला उठाया. हंगामे के बीच ही औद्योगिक विवाद संशोधन विधेयक 2018 की प्रति पटल पर रखी गयी और कार्यकारी सभापति ने भोजनावकाश तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी.
भोजनावकाश के बाद भी सदन की कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष शेल्टर होम के मुद्दे बहस कराने पर अड़ा रहा. कांग्रेस के प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगायी है. सरकार को इसका जवाब देना चाहिए.
