गणना में लगाये गये हैं 4303 प्रगणक, मछलियों की गिनती क्षेत्रफल के आधार पर होगी
पटना : राज्य में पशुगणना का काम बुधवार से शुरू हो गया. इस काम में 4303 प्रगणक लगाये गये हैं. पहली बार मछलियों की भी गिनती होगी. प्रगणक टैबलेट से पशुओं की गिनती करेंगे. पशुगणना में पशुओं के नस्लों को भी जाना जायेगा. राज्य के पशु व मत्स्य संसाधन मंत्री पशुपति कुमार पारस, विभाग की सचिव एन विजयलक्ष्णी, पशुपालन निदेशक विनोद सिंह गुंजियाल, मत्स्य निदेशक निशात अहमद ने संयुक्त रूप से पशुगणना कार्यक्रम का उद्घाटन किया.
इस मौके पर मंत्री ने कहा कि पिछले सौ साल से देश में पशुगणना का कार्य हो रहा है. यह 20वीं गणना है. 19वीं गणना में राज्य में 1.22 करोड़ गाय, 76 लाख भैंस , 1.31 करोड़ बकरी थी. उन्होंने अधिकारियों से समय पर पशुगणना के काम को पूरा करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर इसकी सख्त निगरानी होनी चाहिए. विभाग की सचिव ने कहा कि पहली बार राज्य में मछली की भी गिनती होगी.
तीन महीने में इस काम को पूरा करना है. 4303 प्रगणक को इस काम में लगाया है. 899 पर्यवेक्षक और 76 जांच पदाधिकारी बनाये गये हैं. सचिव ने मंत्री को आश्वासन दिया कि समय पर काम पूरा होगा. पशुपालन निदेशक विनोद सिंह गुंजियाल ने विस्तार से पशुगणना और उसके तरीके की जानकारी दी. पहली बार टैबलेट से पशुओं की गिनती होगी. 38 जिलों के 40025 राजस्व ग्राम, 3436 वार्डों में पशुओं की गिनती की जायेगी.
घर-घर जाकर होगी गिनती
सभी घरों में जाकर पशुओं की गिनती होगी. मछलियों की गिनती क्षेत्रफल के आधार पर होगी. इस मौके पर विभाग की संयुक्त सचिव मधुरानी ठाकुर, गव्य निदेशक अजय कुमार भी मौजूद थे.
