स्पीकर, डिप्टी सीएम ने विधान परिषद के उपभवन सभागार में मॉरीशस की यात्रा वृतांत को सुनाया
पटना : विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार चाैधरी ने बताया कि हमारे पूर्वजों द्वारा बसाया गया छोटा सा देश माॅरीशस क्षेत्रफल में अपने वैशाली जिले से थोड़ा ही बड़ा है. लेकिन इसकी संसदीय प्रणाली अनुकरणीय है. वहां की फिजा में बिहार रचा बसा है. वे सोमवार को विधान परिषद के उपभवन स्थित सभागार में आयोजित ‘मॉरीशस यात्र वृतांत’ कार्यक्रम में अपने अनुभव को साझा कर रहे थे.
मॉरीशस की संसदीय प्रणाली की जानकारी के जरिये सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को यह संदेश दिया कि कैसे विपक्ष सत्ताधारियों और सत्ताधारी विपक्ष को साथ लेकर सदन की गरिमा और उसके दायित्व में अपना सार्थक योगदान दे सकते हैं. बताया कि मॉरीशस में वेस्टमिनिस्टर सिस्टम होते हुए भी सदन को अपनी जरूरत के हिसाब से संचालित किया जाता है.
कैसे वहां हारे हुए लोगों को भी सदन में बात कहने का मौका मिलता है. विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का आभार जताया कि उनके कारण ही चार साल से टल रही यात्रा पूरी हो सकी. सीएम की उपस्थिति ने इस यात्रा वृतांत को विशिष्टता प्रदान कर दी है. उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि 184 साल पहले बिहार से मॉरीशस गये 4.5 लाख गिरमिटिया मजदूरों की संततियों ने वहां अपने खान–पान, रहन–सहन, वेश–भूषा और बोल–चाल को बचा कर रखा है जबकि इंग्लैंड, अमेरिका गये प्रवासियों की दूसरी पीढ़ी ही अपनी भाषा भूल गयी.
संस्मरण के माध्यम से सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को दिया संदेश
राष्ट्रमंडलीय संसदीय संघ की बिहार शाखा की कार्यकारिणी समिति का दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विस अध्यक्ष विजय चौधरी के नेतृत्व में मॉरीशस की संसदीय प्रणाली का अध्ययन करने गया था. इस दल ने 28 अक्टूबर से 2 नवंबर तक वहां का दौरा किया. प्रतिनिधिमंडल में विधान परिषद के कार्यकारी सभापति मो हारुण रशीद, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी, संसदीय कार्यमंत्री श्रवण कुमार, मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, अरुण कुमार सिन्हा, कांग्रेस के सदानंद सिंह आदि शामिल थे.
