पटना : बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू होगा. सत्र के दौरान पांच बैठकें होंगी. पहले दिन नये सदस्यों का शपथ व प्रतिज्ञान ग्रहण (यदि कोई हो) होगा. इसके बाद अध्यादेशों की प्रतियों को सदन पटल पर रखा जायेगा. सोमवार को ही 2018-19 की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पेश होगी. मंगलवार व बुधवार को राजकीय विधेयक व अन्य राजकीय कार्य संपन्न किये जायेंगे.
गुरुवार को 2018-19 की द्वितीय अनुपूरक व्यय विवरणी पर वाद-विवाद, मतदान और उससे संबंधी विनियोग विधेयक पारित किया जायेगा. सत्र के अंतिम दिन शुक्रवार को गैर सरकारी सदस्यों के कार्य (गैर सरकारी संकल्प) संपन्न होंगे.
हंगामेदार हो सकता है सत्र : सत्र के हंगामेदार होने के आसार है. विपक्ष इस के दौरान सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है. उसकी कोशिश है कि विधि-व्यवस्था, मुजफ्फरपुर बालिका गृहकांड, पटना पुलिस लाइन में उपद्रव को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया जाये. इधर सरकार की ओर से विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने की तैयारी है.
पटना : सोमवार से शुरू होने वाले विधानमंडल सत्र में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद एवं उनके परिवार को साजिश कर परेशान करने, सृजन सहित विभिन्न घोटालों सहित सरकार द्वारा ट्रेजरी लूट की छूट देने व अापराधिक मामलों में बेतहाशा वृद्धि आदि मामलों सहित जन सरोकार के सवालों पर राजद सरकार को बेनकाब करेगा.
राजद के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ रामचंद्र पूर्वे ने बताया कि सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा द्वारा किये गये खुलासे से यह स्पष्ट हो गया है कि सीबीआई के संयुक्त निदेशक राकेश अस्थाना द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पीएमओ से मिल कर लालू परिवार के खिलाफ साजिश रची थी. राकेश अस्थाना के बारे में यह भी खुलासा हो चुका है कि वे घूस लेकर और राजनीतिक प्रभाव में आकर केस को बनाते बिगाड़ते रहे हैं. जिस पशुपालन मामले में लालू जी को सजा हुई है, उस केस के आईओ भी अस्थाना ही थे. ऐसी स्थिति में उनके द्वारा की गयी जांच का निष्पक्ष होना संभव ही नहीं है.
इसी साजिश की अगली कड़ी के रूप में रेलवे होटल में 11 साल पुराने मामले को पुनर्जीवित कर उसी के बहाने जनादेश से बनी सरकार को अपदस्थ कर चोर दरवाजे से जनादेश के खिलाफ नापाक गठबंधन की सरकार बनायी गयी. डाॅ पूर्वे ने कहा कि सृजन सहित अबतक 35 घोटाले इस एनडीए के शासनकाल में हो चुके हैं. अभी सूचना के अधिकार के तहत सीएजी द्वारा दिये गये जानकारी के अनुसार केवल दरभंगा और मुजफ्फरपुर ट्रेजरी से ही दो अरब 33 करोड़ 23 लाख रुपये का घोटाला उजागर हुआ है.
यदि सभी जिलों की जांच करवायी जाये तो यह विश्व का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा. इस सरकार में ट्रेजरी लूट की खुली छूट दे दी गयी है. विधान मंडल के वर्तमान सत्र में विपक्ष सरकार से उक्त सवालों पर चर्चा कराने की मांग करेगी.
