पटना : नी रिप्लेसमेंट से घुटने का इलाज संभव

बिहार ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन के दो दिवसीय सेमिनार का हुआ समापन पटना : घुटने के रिप्लेसमेंट ऑपरेशन के छह से आठ घंटे बाद ही अब मरीज वॉकर की मदद से खड़ा हो सकता है. अगर मरीज को एडवांस नी रिप्लेसमेंट से सर्जरी की गयी है तो 24 घंटे बाद उसे वॉकर की भी जरूरत नहीं होगी […]

बिहार ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन के दो दिवसीय सेमिनार
का हुआ समापन
पटना : घुटने के रिप्लेसमेंट ऑपरेशन के छह से आठ घंटे बाद ही अब मरीज वॉकर की मदद से खड़ा हो सकता है. अगर मरीज को एडवांस नी रिप्लेसमेंट से सर्जरी की गयी है तो 24 घंटे बाद उसे वॉकर की भी जरूरत नहीं होगी और 48 घंटे बाद अस्पताल से छुट्टी भी हो जायेगी. यह बातें हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ निशिकांत ने रविवार को बिहार ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन की ओर से दो दिवसीय नी रिप्लेसमेंट पर आयोजित सेमिनार के समापन के मौके पर कही.
डॉ निशिकांत ने बताया कि आमतौर पर नी रिप्लेसमेंट के दौरान एपीड्यूरल कैथेटर डालते हैं. इससे टांगें 48 घंटे तक सुन्न रहती हैं. नयी तकनीक में जिस टांग का ऑपेरशन किया जाता है, सिर्फ उसी को सुन्न किया जाता है. इस ऑपरेशन के दौरान तीन से चार इंच का चीरा लगाया जाता है.
वहीं पद्मश्री डॉ आरएन सिंह ने कहा कि प्रदेश में घुटना प्रत्यारोपण के अधिक मामले सामने आ रहे हैं. अब धीरे-धीरे लोगों में घुटना प्रत्यारोपण को लेकर जागरूकता देखने को मिल रही है. इस मौके पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ अमुल्या सिंह, डॉ रमीत गुंजन सहित काफी संख्या में हड्डी रोग विशेषज्ञ मौजूद थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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