पटना : छठपूजा के लिए तैयारियों के मद्देनजर निगम प्रशासन ने जहाज घाट से दिलदारगंज घाट पर सफाई की कवायद शुरू कर दी है. इस कवायद में सबसे बड़ी बाधा एक दर्जन से अधिक घाटों के समीप नाले का बहाव है. इनमें सबसे ज्यादा समस्या वंशी घाट, काली घाट व कदम घाट पर है.
फिलहाल गंदे नाले के प्रवाह को रोकने की जुगत तलाशी जा रही है. कोशिश की जा रही है कि कम-से-कम घाट के समीप जमे सिल्ट को हटा दिया जाये. हालांकि, निगम प्रशासन की टीम सफाई कार्य में जुटी है, जो घाटों के समीप से पूजा अपशिष्ठ व कचरे की सफाई कर रही है. गुरुवार को प्रभात खबर संवाददाता ने घाटों का जायजा लिया. पेश है रिपोर्ट :
गंदे पानी से घाट पर फैल रही है बदबू : राजापुर पुल के समीप से गंदे पानी का बहाव शुरू होता है, जो नाले की शक्ल में काली घाट तक पहुंचता है और गंगा की धारा में मिल जाता है. इस नाले में राजापुर पुल घाट, बांस घाट, अंटा घाट, पीएमसीएच आदि जगहों पर शहर से निकलने वाले गंदे पानी को गिराया जा रहा है.
स्थिति यह है कि काली घाट पर छठव्रतियों के लिए पर्याप्त जगह है. लेकिन, गंदे पानी से घाट पर बदबू फैल रही है. स्थिति यह है कि घाट के समीप गंदे काले पानी का बहाव हो रहा है, जो आचमन के लायक भी नहीं है.
घाट पर डाला रखने की है पर्याप्त जगह : दिन के 1:10 बजे कृष्णा घाट पर सफाई कर्मी नहीं दिखे. घाट के समीप पूजा अपशिष्ठ व कचरा दिखा. रिवर फ्रंट तैयार होने के बाद वंशी घाट से लेकर कृष्णा घाट तक लगातार डाला रखने की जगह है.
