चार-चार कैमरे लगाये जायेंगे कोर्ट रूम में
जेलों में बनेंगे स्टूडियो, सुनवाई में होगी आसानी, मल्टी कैमरे लगेंगे
पटना : वीडियाे कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के जरिये होने वाले वादों की सुनवाई का पैटर्न अब पूरी तरह बदल जायेगा. अब अत्याधुनिक तकनीक से लैस स्टूडियो बनाये जायेंगे और बेहतरीन कैमरे लगेंगे. मल्टी प्वाइंट कैमरे होंगे. मल्टी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली के जरिये वादों की सुनवाई की जायेगी.
खास बात यह है कि एक कोर्ट में चार-चार कैमरे लगेंगे, ताकि हर एंगिल को कवर किया जा सके. सुनवाई के दौरान एक साथ इसमें शामिल हर शख्स एक-दूसरे को देख सकेगा. पहले ऐसा नहीं हो पाता था. पहले ‘सिंगल कैमरा बेस्ड’ तकनीक से काम चलता था. इस तरह प्रदेश के 58 काराओं और 62 न्यायालयों को अत्याधुनिक तकनीक के कैमरों से लैस किया जायेगा.
प्रदेश में 122 स्थानों पर लगायी जायेगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली आपराधिक वादों का अब त्वरित निष्पादन होगा. इसके लिए राज्य सरकार ने खजाना खोला है. गृह विभाग के प्रस्ताव के अनुसार वादों के त्वरित निष्पादन के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई होगी.
इसके लिए कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय (मुख्यालय) की ओर से राज्य की 58 काराओं, पटना उच्च न्यायालय सहित प्रदेश के 62 न्यायालयों में मल्टी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली लगाने की योजना बनायी गयी है. इसके लिए 126 करोड़ 87 लाख 84 हजार चार सौ रुपये की स्वीकृति कैबिनेट ने दी है. इस हिसाब से प्रदेश के 122 स्थानों पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली लगायी जायेगी.
मल्टी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली को लेकर सरकार गंभीर है. इसलिए इसमें तेजी से काम शुरू हो चुका है. कैबिनेट से इसे पास करा लिया गया है. बेल्ट्रॉन को जिम्मेदारी दी जायेगी. बेल्ट्रॉन के माध्यम से ही टेंडर होगा और मल्टी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली लगाने का काम होगा.
उम्मीद है कि अगले साल में मार्च तक काम पूरा कर लिया जायेगा. खास बात यह है कि अब वादों की सुनवाई में वहां उपस्थित हर व्यक्ति स्क्रीन पर दिखेगा. जेलों में इसके लिए स्टूडियो बनाया जायेगा और कोर्ट में चार-चार कैमरे लगेंगे. इससे आरोपी, अधिवक्ता, न्यायाधीश, गवाह आदि सभी एक साथ स्क्रीन पर दिखेंगे.
-मिथिलेश मिश्रा, आईजी, जेल
