पटना : पीरबहाेर थाना क्षेत्र के बाकरगंज में मोना सिनेमा के पीछे किस मकान से राजमिस्त्री चीना दास को धक्का दिया गया, यह पुलिस पता नहीं कर सकी है.
पुलिस हत्यारोपियों को ट्रेस नहीं कर पायी है. पुलिस का कहना है कि छानबीन चल रही है लेकिन घटना स्थल पर काफी पूछताछ के बाद भी यह पता नहीं चल पाया कि वह किस ठेकेदार के अंडर में काम करता था. वहां किसी ठेकेदार के भी रहने की पुष्टि नहीं हुई है. फिलहाल पुलिस की जांच जारी है. दरअसल जिस गली में राजमिस्त्री चिना दास की लाश मिली थी, वह काफी सघन आबादी वाली गली है.
मकान की दीवारों में मामूली गैप है. इसलिए चिना दास को जब ऊपर से धक्का दिया गया तो वह कई दिवारों से टकराते हुए नीचे गिरा. उसके सिर में कई जगह चोट थे, चेहरा बिल्कुल विथड़ गया था. घटना स्थल पर ही इतना ब्लड निकल चुका था कि पीएमसीएच पहुंचने के कुछ ही देर बार उसकी मौत हो गयी. फिलहाल पुलस इस मामले की छानबीन कर रही है.
पटना : राजधानी पटना में सार्वजनिक शौचालयों की खराब हालत पर पटना हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए पटना नगर निगम और याचिकाकर्ता को पूरा ब्योरा शुक्रवार को पेश करने का निर्देश दिया है. चीफ जस्टिस एम आर शाह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस संबंध में दायर लोकहित याचिका पर सुनवाई करते यह निर्देश दिया.
अदालत ने शौचालयों की स्थिति की फोटो और वीडियो भी पेश करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने मीठापुर व दरियापुर क्षेत्रों में शौचालयों के निर्माण में हुए व्यय का ब्योरा देने का भी निर्देश पटना नगर निगम को दिया है. मामले की सुनवाई शुक्रवार की फिर की जायेगी .
पीयू हॉस्टल पर कोर्ट ने मांगा हलफनामा : पटना हाईकोर्ट ने पटना यूनिवर्सिटी और उसके हॉस्टलों से अवैध कब्जा और अतिक्रमण हटाने के मामले में याचिकाकर्ता विकास चंद्र उर्फ गुड्डू बाबा को जांच कर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया.
चीफ जस्टिस एम आर शाह की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने इस मामले की सुनवाई की. सुनवाई के समय कोर्ट मे उपस्थित पीयू के वीसी ने इस मामले में कई समस्यायें कोर्ट को बतायी. उन्होंने कहा कि बिजली विभाग का ऑफिस होने से भी समस्या हो रही है.
