पटना : बिना एफिलिएशन लिये कोर्स चलाने वाले कॉलेजों पर हो सख्त कार्रवाई : राज्यपाल

पटना : राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन ने सभी विश्वविद्यालयों को फर्जी कॉलेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है. इन्हें ऐसे कॉलेजों की जांच कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा है कि जो कॉलेज बिना राज्य सरकार से संबद्धता (एफिलिएशन) प्राप्त किये किसी तरह का […]

पटना : राज्यपाल सह कुलाधिपति लालजी टंडन ने सभी विश्वविद्यालयों को फर्जी कॉलेजों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आदेश जारी किया है. इन्हें ऐसे कॉलेजों की जांच कर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए कहा है.
उन्होंने कहा है कि जो कॉलेज बिना राज्य सरकार से संबद्धता (एफिलिएशन) प्राप्त किये किसी तरह का कोर्स चलाते हैं और इनमें किसी छात्र का नामांकन लेते हैं, तो उनकी जांच करके उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाये. विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ की छूट किसी को नहीं दी जा सकती है. राज्यपाल ने सभी कुलपतियों से कहा है कि वे अपने-अपने अधीन संचालित कॉलेजों पर पूरी तरह से नजर बनाये रखें. उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि जो कॉलेज आदेश का पालन नहीं करेंगे या किसी तरह की कोताही बरतेंगे, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जायेगी.
राज्यपाल ने कहा है कि सभी कुलपति यह सुनिश्चित करें कि जब तक राज्य सरकार से संबद्धता नहीं मिल जाती, तब तक कोई भी कॉलेज किसी भी पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों का प्रवेश नहीं लेगा. संबद्धता की प्रत्याशा में छात्रों का नामांकन लेना, कहीं से विधिसम्मत नहीं है.
किसी भी विश्वविद्यालय में ऐसे कॉलेज या कोर्स के छात्रों का निबंधन नहीं होना चाहिए. उन्होंने कहा कि निर्धारित सीट से ज्यादा नामांकन लेने के मामले को भी गंभीरता से लिया जाये. सभी विश्वविद्यालय को कहा गया है कि वे अपनी वेबसाइट पर अपने क्षेत्र के अंतर्गत संबद्धता प्राप्त कॉलेजों की सूची भी प्रदर्शित करें, ताकि विद्यार्थी किसी के बहकावे या भ्रम में नहीं आये.
उन्होंने सभी कुलपतियों से यह भी कहा है कि छात्र की समस्याओं को नियमित रूप से सुने और ऐसी व्यवस्था विकसित करें कि छात्रहित से जुड़ी योजनाओं का क्रियान्वयन समय पर हो सके. प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने बताया है कि सभी कुलपतियों को इससे संबंधित निर्देश जारी कर दिया गया है. यह जांच निर्धारित शर्त के आधार पर ही की जाये. किसी कॉलेज को ऐफलिएशन देने से पहले उसके सभी मानकों की जांच अच्छे से कर लेनी चाहिए.
शहरी क्षेत्र में कॉलेज के लिए ढाई एकड़ जमीन अनिवार्य
प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने बताया निर्देश के अनुसार जांच के लिए पहली शर्त शहरी क्षेत्र में कॉलेज खोलने के लिए ढाई एकड़ और ग्रामीण इलाके में इसके लिए पांच एकड़ जमीन होना अनिवार्य है.
कॉलेज में नामांकन के लिए निर्धारित सीट के अनुसार क्लास रूम की व्यवस्था हो. कॉलेज में व्याख्यान और ट्यूटोरियल रूम भी पर्याप्त संख्या में मौजूद हो. साथ ही शिक्षकों के लिए स्टाफ रूम, छात्र और छात्राओं के लिए कॉमन रूप, पुस्तकालय, सभी संबंधित विषयों के लिए अलग-अलग प्रयोगशालाएं, विद्यार्थियों के लिए छात्रावास समेत अन्य सुविधाओं का होना बेहद अनिवार्य है. इसके बिना किसी को एफिलिएशन नहीं दी जा सकती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >