पीरबहोर थाने में लेनी पड़ी शरण
पटना : अगमकुआं थाना इलाके में 2013 में हुए बिल्डर शैलेश सिंह मर्डर केस के गवाह सिकंदर को जान का खतरा है. सिकंदर को सोमवार को गवाही के लिए सिविल कोर्ट लाया गया था. लेकिन, कोर्ट के बाहर कुछ संदिग्ध लोगों को देख कर पीरबहोर थाने में शरण लेनी पड़ी. मामला एसएसपी मनु महाराज के पास भी पहुंचा और उन्होंने तुरंत ही गवाह को सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. इसके बाद गवाह को सुरक्षा में उसके घर पहुंचाया गया.
इसके साथ ही एसएसपी ने उन तमाम लोगों को पकड़ने का निर्देश दिया, जिससे गवाह सिकंदर को जान का भय है.सोमवार को अगमकुआं थाने के एक दारोगा के साथ सिकंदर को सिविल कोर्ट में गवाही के लिये लाया गया. इस दौरान संदिग्ध आठ-दस लोगों को दारोगा के साथ ही सिकंदर ने देखा. इसके बाद सिकंदर डर गया, तो उसे तुरंत ही वहां से पीरबहोर थाना भेज दिया गया. साथ ही पूरे मामले की जानकारी एसएसपी मनु महाराज को दी गयी.
अधिकांश आरोपित हो चुके हैं रिहा
विदित हो कि वर्ष 2013 अगमकुआं के पहाड़ी, ट्रांसपोर्ट नगर के पास बिल्डर शैलेश कुमार की हत्या अपराधियों ने कर दी थी. पुलिस टीम ने घटना को अंजाम देने वाले कॉन्ट्रेक्ट किलर रणधीर कुमार सिंह उर्फ नाटु सिंह ( पैजना, घोसवरी), विशाल कुमार उर्फ विशाल सिंह (बाकरगंज, दलदली रोड, कदमकुआं), राजेश रजक (पूर्वी इंदिरा नगर, कंकड़बाग) व हर्षवर्धन (नौरंगा, बलिया, उत्तरप्रदेश) को पकड़ लिया था. फिलहाल इस मामले में अधिकांश आरोपित जमानत पर रिहा हो चुके है.
