गुजरात से घर लौट रहे बिहारियों का दर्द, कहा, सड़क पर दिखते ही कर देते थे पिटाई, अब शांति होने के बाद ही जायेंगे

गुजरात से घर लौट रहे बिहारियों के चेहरों पर दिख रहा डर सीवान में गुजरात के गांधीनगर व अहमदाबाद से सोमवार को गोरेयाकोठी प्रखंड के हरिहरपुर खुर्द निवासी मुन्ना कुमार, महाराजगंज प्रखंड के पकवलिया निवासी धर्मेंद्र, अनिल कुमार व नरेंद्र कुमार घर पहुंचे. इन लोगों के चेहरों पर दर्द दिख रहा था. सभी भय में […]

गुजरात से घर लौट रहे बिहारियों के चेहरों पर दिख रहा डर
सीवान में गुजरात के गांधीनगर व अहमदाबाद से सोमवार को गोरेयाकोठी प्रखंड के हरिहरपुर खुर्द निवासी मुन्ना कुमार, महाराजगंज प्रखंड के पकवलिया निवासी धर्मेंद्र, अनिल कुमार व नरेंद्र कुमार घर पहुंचे. इन लोगों के चेहरों पर दर्द दिख रहा था. सभी भय में थे. मुन्ना ने स्थानीय लोगों द्वारा हिंसा की जा रही है. सड़क पर जो दिखायी दे रहा है उसकी पिटाई की जा रही है. किसी के यहां शरण लेने पर उस घर को क्षतिग्रस्त कर दिया जा रहा है. वहां की स्थिति देख हमलोग भागे हैं.
गोपालगंज : भागकर पहले ट्रक पकड़ा, फिर ट्रेन से आया घर
गोपालगंज के बुचेयां इनामी टोले के 35 वर्षीय अमित सोमवार की सुबह घर पहुंचे. उन्होंने बताया कि अहमदाबाद के साबरकंठा में बिहारी मुहल्ला है, जहां वह भी रहता था. रेप की घटना भी उसी मुहल्ले में हुई.
घटना के बाद बिहारियों को देखते ही मारपीट शुरू कर दी जाती थी. हिंसा भड़कने पर छह मित्रों के साथ हिम्मत नगर गांव से भागकर कुछ दूर ट्रक से गया, फिर ट्रेन से किसी तरह घर आया. मेरे साथ राजेंद्र बीन का बेटा रूपेश कुमार, रामजनम महतो का बेटा संतोष महतो और सत्यदेव प्रसाद का बेटा भोलू कुमार घर आ गया.
सारण : वहां की स्थिति भयावह, किसी तरह भागे
सारण जिले के दरियापुर का मन्नु महतो सोमवार को गुजरात से घर पहुंचा. उसने बताया कि वहां की स्थिति काफी भयावह है. गुजरात के लोग राज्य पूछकर बिहार व यूपी वालों को पीट रहे हैं. बिहार व यूपी आने वाली ट्रेनों को भी निशाना बनाया जा रहा है. दरियापुर के ही रामेश्वर महतो बताते हैं कि अहमदाबाद से आने वाली साबरमती एक्सप्रेस मंगलवार को पहुंचेगी. मेरा दो पुत्र किसी तरह से गुजरात से निकलकर उसी ट्रेन से आ रहा है.
गांधीधाम व उधना एक्सप्रेस से लौटे मजदूर
बेगूसराय : गांधीधाम ट्रेन के जनरल डिब्बे में गुजरात से लौटनेवालों की भीड़ दिखी. गुजरात से लौटनेवाले मजदूरों के चेहरे पर सुकून दिख रहा था. वहीं, बरौनी जंक्शन पर गुजरात जयनगर-उधना(सूरत)ट्रेन से मजदूर लौटे. सोमवार को बरौनी जंक्शन पर गुजरात-उधना(सूरत) ट्रेन एवं बेगूसराय में गुजरात गांधी धाम-कामाख्या ट्रेन से वापस लौटे.
हमलोग गुजरात के पाटन में रह कर मजदूरी करते हैं.जब मेंहसाना जैसे शहरों में बिहारियों के साथ मारपीट किये जाने की घटना होने लगी तो उसका असर पाटन शहर पर भी हुआ.कुछ मवालियों का झुंड बिहारियों को बात -बात पर धमकाने लगे थे. भय का माहौल बन गया था. इसलिए हमलोग घर आ जाना ही उचित समझा.
सुरेश यादव,लखिमनियां (बेगूसराय)
हमलोग दुर्गापूजा में घर नहीं आते थे. छठपूजा में घर लौटते थे. दुर्गापूजा में गुजरात में रहकर ही अच्छी कमाई कर लेते थे.परंतु सावरकांठा में बिहारियों के साथ हुई घटना से हमलोग भयभीत थे. फिर छिटपुट घटनाएं पाटन में भी हुई. हमलोगों ने देखा कि माहौल खराब हो रहा है तो हमलोग पहले ही चल दिये.
रोशन कुमार ,सिरसिया (बेगूसराय)
चौरी थाने के धनछूंहा गांव निवासी लाल बिहारी राम ने बताया कि स्थिति काफी दयनीय है. सभी को भागने के लिए मजबूर किया जा रहा है. बिहार व यूपी का निवासी जानकर स्थानीय लोग मारपीट कर रहे हैं. वहां सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे थे. इस स्थिति में वहां से भागना ही बेहतर लगा.
लाल बिहारी राम, धनछूंहा (आरा)
बिहारी जानकर मारपीट की जा रही है. घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था. फैक्टरी में काम भी नहीं करने दिया जा रहा है. भागने के लिए मजबूर किया जा रहा है. अब शांति होने के बाद ही गुजरात वापस जाऊंगा. काफी संख्या में लोग भाग चुके हैं. गुजरात रोजी-रोटी के लिए गया था.
राजीव कुमार ,धनछूंहा (आरा)
अहमदाबाद में फंसे हैं नवादा के दो भाई
नवादा : गुजरात के अहमदाबाद में नवादा के दो भाई जख्मी हालत में फंसे हैं. दोनों भाई पेशे से ड्राइवर हैं और नवादा के पकरीबरावां थाने के दतरौल गांव के रहनेवाले हैं. बताया जाता है कि दतरौल निवासी ननकू यादव के पुत्र प्रदीप कुमार (25 वर्ष) व राजबल्लभ कुमार (20 वर्ष) अहमदाबाद में ट्रेलर के ड्राइवर हैं. दोनों भाई अहमदाबाद में रहनेवाले अमित का ट्रेलर चलाते हैं. शनिवार को इनके साथ अहमदाबाद के आईडीसी खुरियाल में मारपीट की घटना हुई. बड़े भाई प्रदीप कुमार की हालत ज्यादा गंभीर है.
भोजपुर : अब शांति होने के बाद ही जायेंगे गुजरात
आरा (भोजपुर) : गुजरात के अहमदाबाद, गांधीनगर व इसके आसपास के क्षेत्रों में काफी तनाव का माहौल है. घरवाले भी डर से अपने को बचाने के लिए घर खाली करने को कह रहे हैं. जैसे ही आरा स्टेशन पर गुजरात से आनेवाली ट्रेन पहुंची तो स्टेशन पर उतरनेवाले बिहारियों के चेहरे पर भय का माहौल स्पष्ट दिखाई दे रहा था. लोग किसी तरह सुरक्षित वापस पहुंच जाने की दुहाई दे रहे थे.गुजरात से चलकर लगभग एक बजे अंत्योदय एक्सप्रेस गाड़ी संख्या 55 64 आरा स्टेशन पहुंची. काफी संख्या में गुजरात से वापस आ रहे लोग थे.
सभी के चेहरे पर भय दिखायी दे रहा है. लोगों का कहा कि अब गुजरात में शांति होने के बाद ही वहां जायेंगे. हाजीपुर प्रतिनिधि के अनुसार, वैशाली जिले के बेलसर ओपी क्षेत्र कटारू चकमहदपुर गांव निवासी दिनेश राय ने सोमवार को देर शाम में फोन पर बताया कि गुजरात में रह रहे बिहारी दहशत में है. जिले के बेलसर ओपी क्षेत्र कटारू चकमहदपुर गांव निवासी दिनेश राय ने सोमवार को देर शाम में फोन पर बताया कि गुजरात में रह रहे बिहारी दहशत में है. उसने बताया कि बीते रविवार की रात दो जगहों पर हमले हुए हैं. कई लोग जख्मी हुए है, जिसमें महिलाए व बच्चे भी शामिल हैं.
फैक्टरी में बंधक शेखपुरा के लोग, परिजन भयभीत
शेखपुरा : जिले के मह्सौना गांव के 46 मजदूरों को अहमदाबाद के प्लास्टिक फैक्टरी में बंधक बनाने का मामला सामने आया है. मजदूरों के परिजनों ने सोमवार को डीएम योगेंद्र सिंह को आवेदन सौंपकर सकुशल वापसी की गुहार लगायी है. वहां फैक्टरी संचालक से किसी प्रकार बच बचा कर बंधक बने मजदूरों ने वीडियो बनाया और अपने परिजनों को भेजा है. इसमें परिजनों ने बिहार के मुख्यमंत्री एवं देश के प्रधानमंत्री से खुद को सुरक्षित वापस गांव भेजने के लिए गुहार लगायी है.

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