पहले चरण में 18 वार्डों की अधूरी जलापूर्ति योजना होगी पूरी
पटना : वर्षों से बुडको व नगर आवास विकास विभाग के फाइलों में दबी पटना जलापूर्ति की योजना फिर बाहर निकाल आयी है. इस योजना की डीपीआर दोबारा तैयार की गयी है. नयी डीपीआर के अनुसार समूचे पटना की जलापूर्ति पर 2200 करोड़ खर्च किये जायेंगे. अब इस योजना को दो चरणों में पूरा किया जायेगा.
पहले चरण में 18 वार्डों में आधी-अधूरी पड़ी योजना को पूरा किया जायेगा. जबकि, दूसरे चरण में 57 वार्डों में एक साथ जलापूर्ति योजना पूरी की जायेगी. जलापूर्ति योजना को नगर निगम के स्तर से पूरा किया जायेगा. इसको लेकर निगम प्रशासन की ओर से कवायद शुरू कर दी गयी है. शीघ्र एजेंसी चयनित कर ली जायेगी.
गंगा का पानी भी होगा सप्लाई : पटना जलापूर्ति योजना के तहत निगम क्षेत्र को दो भागों में बांटा गया है. रेलवे लाइन के उत्तर गंगाजल और दक्षिण के हिस्से में ग्राउंड वाटर सप्लाई होगी. गंगा जल ट्रीटमेंट को लेकर दीघा में भूखंड चिह्नित किया गया है और आधा-अधूरा कुआं भी बनाया गया है. इस ट्रीटमेंट प्लांट को भी पहले चरण में ही पूरा किया जायेगा. इसके अलावा जहां-जहां आधा-अधूरा बने जल मीनार को पूरा करने के साथ-साथ वार्डों के शत-प्रतिशत हिस्से में जलापूर्ति पाइप बिछायी जायेगी, ताकि योजना पूरी होने के बाद निर्बाध सप्लाई हो सके.
सिर्फ तीन वार्डों में काम करेगा बुडको
पटना जलापूर्ति योजना को पूरा करने की जिम्मेदारी बिहार अरबन इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (बुडको) को दी गयी थी. बुडको प्रशासन ने वर्ष 2012 में योजना की शुरुआत की थी. लेकिन, बुडको की ओर से चयनित एजेंसी ने निर्धारित समय पर योजना पूरी नहीं कर पाया तो वर्ष 2014 में एजेंसी को टर्मिनेट कर दिया गया. अब इन 18 वार्डों में से सिर्फ तीन वार्डों की योजना बुडको पूरा करेगा.
एशियन बैंक के सहयोग से पूरी होगी योजना
वर्ष 2012 में योजना की लागत 537 करोड़ थी. लेकिन, समय से पूरा नहीं की गयी. इससे योजना की लागत साल-दर-साल बढ़ती चली गयी.
अब स्थिति यह है कि पटना जलापूर्ति योजना पर 2200 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है. इस राशि को एशियन बैंक से लिया जायेगा. पिछले दिनों मुख्य सचिव की अध्यक्षता में नगर आवास विकास विभाग व नगर निगम अधिकारियों की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया.
