पटना/ फुलवारीशरीफ : त्योहारी सीजन में पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है. इसलिए शहर में सख्ती व चेकिंग के बाद जेलों में भी छापेमारी की गयी है. डीएम कुमार रवि व एसएसपी मनु महाराज की टीम ने रविवार की सुबह बेऊर जेल में छापेमारी की. इस दौरान जेल के सभी बैरक खंगाले गये. कुछ अपराधियों के बैरक से तीन सिमकार्ड और कुछ आपत्तिजनक सामान बरामद किये गये हैं.
जेल की व्यवस्था से डीएम काफी नाखुश दिखे. उन्होंने जेल मैनुअल का पालन कराने का निर्देश दिया है. इस दौरान एसएसपी ने कुछ हार्डकोर क्रिमिनलों की क्लास लगायी. दरअसल पुलिस को जानकारी मिली थी कि बड़े अपराधी स्मार्ट फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं. वाट्सअप कॉल कर अपने गुर्गों के माध्यम से बाहर अपराध की साजिश रच रहे थे. एसएसपी ने हाई तकनीक से कुछ ऐसे इमेज प्राप्त कर लिये थे. छापेमारी के दौरान उन्होंने अपराधियों को दिखाया और पूछताछ की तो उनकी बोलती बंद हो गयी.
बड़े अपराधी मोबाइल पर बात कराने को जेल में वसूल रहे पैसा : बेऊर जेल में भ्रष्टाचार के आरोप में दर्जनों बंदी कैद हैं. इन पर करोड़ों का घोटाला करने का आरोप हैं. मोबाइल फोन से बात करने के लिए भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद अपराधियों के शरण में रहते हैं और इसके एवज में कुख्यात अपराधियों को मोटी रकम और जरूरत के सामानों को उपलब्ध कराते हैं. इस काम में दर्जनों कैदी लगे हैं.
जबकि, निगरानी वार्ड अलग है. छापेमारी के दौरान इस बात का खुलासा हुआ है. जांच सहित कार्रवाई का आदेश दिया गया है. पुलिस रिपोर्ट पर डीएम कुमार रवि ने जेल प्रशासन को स्पष्ट आदेश दिया है कि जेल मैनुअल का पालन हो. सही निगरानी रहने पर बाहर का विधि व्यवस्था सही रहता है.
निगरानी मामले में बंद आरोपितों को कुख्यात बंदियों के संपर्क में नहीं रहने दें. जेल के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी देखा. डीएम ने जेल में सही निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था रखने के लिए कई दिशा-निर्देश दिये हैं.
कई को स्पेशल सेल में रखने का आदेश : बेऊर जेल में छापेमारी के दौरान अंदर मिली कई तरह की गड़बड़ियों के बाद कई अपराधियों को स्पेशल सेल में रखने का आदेश दिया गया. इसमें पटना सिटी का सोनू, पंकज, पप्पू सिंह और भेलारी का अमित कुमार समेत अन्य शामिल हैं. सूत्रों की मानें तो लड्डू को बेऊर जेल के सेल में शिफ्ट कर दिया गया है.
कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला
दानापुर : एसडीओ अमिताभ कुमार गुप्ता व एएसपी अशोक मिश्रा के नेतृत्व में दानापुर उपकारा में रविवार को सघन छापेमारी की गयी. आधे घंटे तक की गयी छापेमारी में उपकारा से किसी प्रकार का आपत्तिजनक सामान नहीं बरामद किया गया. बताया जाता है कि उपकारा के हर वार्ड, सेल, शौचालय , अस्पताल समेत आदि जगहों में पुलिस बल ने चप्पा-चप्पा खंगाला. एसडीओ ने बताया कि डीएम के आदेश के आलोक में रविवार को उपकारा में छापेमारी की गयी. छापेमारी में दानापुर, शाहपुर व रूपसपुर थानों के पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे.
2017 में बेऊर जेल से लेवी वसूली की मिली थी डायरी
बेऊर जेल में 25 जनवरी 2017 की अहले सुबह तीन बजे पटना पुलिस ने छापेमारी की थी. इस दौरान सरस्वती खंड और यमुना खंड के बाहर झाड़ियों में पड़े लावारिस सात मोबाइल, चार्जर, गांजा और लेवी की एक डायरी बरामद की गयी थी. लेवी की यह डायरी नक्सली अजय कान्हू के सेल से बरामद हुई थी.
एक चार्जर अपराधी संतोष के पास से बरामद की गयी और बृजनाथी सिंह हत्याकांड के आरोपित मुन्ना सिंह के पास से एक मोबाइल बरामद किया गया. बाकी मोबाइल और चार्जर पुलिस के आने के पूर्व झाड़ियों में फेंके हुए बरामद किये गये. यह बड़ा सबूत था जिससे यह साफ होता है कि जेल में भी बैठ कर नक्सली संगठन से जुड़े लोग लेवी वसूलते हैं. वहीं अपराधी गैंग के सरगना रंगदारी वसूलते हैं. इतना ही नहीं उनके पास वसूली का लेखा-जोखा भी मेनटेन होता है.
एक मोबाइल व चार चार्जर बरामद
बाढ़ : बाढ़ जेल में अनुमंडल प्रशासन की टीम ने सहायक पुलिस अधीक्षक लिपि सिंह के नेतृत्व में रविवार की सुबह करीब 9 बजे अचानक पहुंच कर तलाशी अभियान शुरू किया. जेल के 8 वार्डों को टीम के सदस्यों ने करीब दो घंटे चले अभियान में खंगाल डाला. इस दौरान लावारिस हालत में चार चार्जर और एक मोबाइल बिना सिम लगा हुआ बरामद किया गया. पुलिस टीम सिम खोजती रह गयी, लेकिन उसे उसका सुराग नहीं मिल सका.
जेल के भीतर एक एक बंदी को सर्च किया गया. वहीं, सहायक पुलिस अधीक्षक ने महिला बंदी वार्ड में स्वयं जांच-पड़ताल की. अचानक हुई छापेमारी के बाद बाढ़ जेल में रह रहे करीब 400 कैदियों के बीच हड़कंप मच गया. मोबाइल की बरामदगी से इस बात के पुख्ता प्रमाण मिले हैं कि जेल के भीतर से विचाराधीन बंदी बाहरी दुनिया के लोगों से संपर्क में हैं और हर गतिविधि की जानकारी उन्हें हो रही है. इस अभियान में बाढ़ ,एनटीपीसी, भदौर व अथमलगोला सहित कई थानों की पुलिस को लगाया गया था.
कई कुख्यातों से हुई पूछताछ
बेऊर जेल में छापेमारी के दौरान अपराधियों से लंबी पूछताछ की गयी. पुलिस के निशाने पर सबसे अधिक फुलवारीशरीफ, नौबतपुर और बिहटा समेत पटना के पश्चिमी इलाके के रहने वाले अपराधी थे. जो जेल में कैद होने के बाद भी अपना साम्राज्य चला रहे हैं.
इनमें सबसे पहला नाम महेंद्रू के रहने वाले अपराधी लड्डू पटेल का है. जेल में बंद होने के बाद भी यह अपराधी कई लोगों से रंगदारी मांग चुका है. अपराधी हैप्पी और गुड्डू से भी काफी देर तक पूछताछ की. इन्होंने हाल में दानापुर के चित्रकुट नगर में रहने वाले रिटायर्ड इंजीनियर कपिल देव से एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी. चार घंटे की जांच के दौरान टीम ने जेल के गंगा, यमुना, गोदावरी, सरस्वती और सरयू खंड के साथ ही निगरानी और महिला वार्ड को पूरी तरह से खंगाल. सूत्र की मानें तो चाकू महिला वार्ड से बरामद किया गया है.
इनसे भी पूछताछ
लड्डू पटेल, हैप्पी और गुड्डू के अलावा पुलिस टीम ने अपराधी पंकज शर्मा, विक्की मोबाइल, पंकज सिंह, पप्पू सिंह, अमित सिंह, अभिषेक कुमार, विकास उर्फ पवन, अमर कुमार, सुबोध सिंह, मनीष कुमार, गुलाब कुमार, रणविजय सिंह, रूपेश कुमार, सोनू कुमार, निशांत कुमार निशु, शंकर कुमार, पीयूष कुमार, बोतल महतो और गुड्डू कुमार से पूछताछ की. इसके अलावा जेल में बंद कुख्यात बिंदु सिंह, एमएलसी रीतलाल यादव, पप्पू सिंह, पवन चौधरी, बुटन चौधरी, अभिषेक सिंह सहित सेल व वार्ड में बंद कैदियों की तलाशी ली गयी. एसएसपी ने इन अपराधियों को कई सख्त हिदायत भी दी है.
