बिहार लोकसभा चुनाव : दस से अधिक भाजपा सांसदों की सीट और टिकट पर मंडराया खतरा

दीपक कुमार मिश्रा पटना : भाजपा 2019 के चुनावी दंगल के लिए अपने पहलवानों को तैयार कर रही है. पार्टी के मिशन 2019 के लिए जो टीम तैयार हो रही है उसमें कई नये चेहरे होंगे. कुछ सांसदों का क्षेत्र भी बदल सकता है. पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं पर यकीन करें, तो दस […]

दीपक कुमार मिश्रा
पटना : भाजपा 2019 के चुनावी दंगल के लिए अपने पहलवानों को तैयार कर रही है. पार्टी के मिशन 2019 के लिए जो टीम तैयार हो रही है उसमें कई नये चेहरे होंगे. कुछ सांसदों का क्षेत्र भी बदल सकता है. पार्टी के अंदर चल रही चर्चाओं पर यकीन करें, तो दस सांसदों का या तो पत्ता साफ होगा या फिर उनका क्षेत्र बदल जायेगा.
पार्टी राज्य मंत्रिमंडल के कुछ चेहरे को भी चुनाव मैदान में उतार सकती है. राज्य में अभी भाजपा के 22 सांसद हैं. पिछले एक साल से पार्टी अपने स्तर से अपने सांसदों का फीड बैठक विभिन्न एजेंसियों से करा रहा थी. एक-एक सांसद का तो फीडबैक लिया ही गया, साथ ही संभावित उम्मीदवारों के बारे में भी जानकारियां ली गयी है. आरएसएस ने भी अपनी राय से पार्टी को अवगत करा दिया है. पिछले दिनों नयी दिल्ली में देश भर के प्रदेश संगठन महामंत्रियों की बैठक हुई थी जिसमें 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर सांसदों पर चर्चा हुई थी.
दिल्ली में भाजपा के प्रदेश प्रवक्ताओं की बैठक आज
रविवार को दिल्ली में भाजपा ने अपने प्रदेश प्रवक्ताओं और मीडिया प्रभारियों की भी बैठक बुलायी है. पार्टी के अंदरखाने में जो चर्चा हो रही है उन पर भरोसा किया जाये, तो दो केंद्रीय मंत्रियों का या तो टिकट कटेगा या फिर उनका चुनाव क्षेत्र बदला जायेगा. आठ से दस सांसदों को भी सर्वे में रेड मार्क मिला है. पटना साहिब सांसद शत्रुध्न सिन्हा और दरभंगा के सांसद कीर्ति आजाद की छुट्टी तय है.
बेगूसराय के सांसद भोला सिंह को भी पार्टी बढ़ती उम्र के कारण आराम दे सकती है. मधुबनी के सांसद हुकुमदेव नारायण यादव चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा कर चुके हैं. उनके पुत्र पूर्व विधायक अशोक यादव को पार्टी वहां से मौका दे सकती है.
दो केंद्रीय राज्यमंत्री क्षेत्र बदलने की फिराक में
भाजपा का अपने सहयोगियों के साथ अभी तक सीट शेयरिंग पर कोई ठोस निर्णय हुआ है. कुछ सीट अदला-बदली भी हो सकता है. पार्टी के तीन प्रदेश पदाधिकारी भी चुनाव मैदान में उतर सकते हैं. नीतीश मंत्रिमंडल में शामिल भाजपा के तीन मंत्रियों को भी पार्टी लोकसभा चुनाव मैदान में मौका दे सकती है. बताया जा रहा है कि दो केंद्रीय राज्यमंत्री खुद अपना चुनाव क्षेत्र बदलने की कवायद कर रहे हैं.
चार से पांच सांसदों का तो टिकट कटना तय माना जा रहा है. बहरहाल भाजपा अपने मिशन 2019 में सिर्फ जीतनेवाले पर ही दांव लगायेगी. प्रदेश के एक बड़े नेता के भी चुनाव क्षेत्र में उतरने की चर्चा है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >