संस्थान व प्रधानाचार्य नपेंगे
पटना : बिहार बोर्ड के निर्देश के बावजूद कई इंटरमीडिएट शिक्षण संस्थानों ने निर्धारित अवधि के दौरान ऑनलाइन माध्यम से अपने शिक्षकों की सूची अपलोड नहीं की है.
इसे ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने संस्थानों को एक अवसर प्रदान करते हुए सूची अपलोड करने के लिए 27 सितंबर से चार अक्तूबर तक बढ़ा दी है. यह जानकारी बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने दी. उन्होंने बताया कि सूची अपलोड करने के लिए पूर्व में 16 अगस्त तक की तिथि निर्धारित की गयी थी. इसकी समीक्षा के क्रम में पाया गया कि कई शिक्षण संस्थानों ने अभी तक सूची अपलोड नहीं की है.
उन्होंने बताया कि संस्थानों को यह अंतिम अवसर प्रदान किया गया है. यदि अब भी किसी संस्थान द्वारा सूची अपलोड नहीं की गयी, तो वर्ष 2019 की इंटरमीडिएट परीक्षा में शामिल होनेवाले उसके विद्यार्थियों का एडमिट कार्ड बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया जायेगा. इसके लिए संस्थान के प्रधान जिम्मेदार होंगे.
इसके अलावा संस्थान के प्रधान के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. अलग-अलग कोटि को संस्थान (स्कूल-कॉलेज) के प्रधानों के खिलाफ अलग-अलग कार्रवाई की जायेगी. इसके अलावा संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी को ऐसे शिक्षण संस्थानों की सूची ई-मेल के माध्यम से भेजी जा रही है, ताकि वे उनसे निर्धारित तिथि के अंदर सूची अपडेट करना सुनिश्चित कराएं.
किस स्कूल प्रधान के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी
– राजकीय एवं राजकीय प्लस टू विद्यालय : प्रधान को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को रिपोर्ट किया जायेगा
– प्रस्वीकृत कॉलेज, अनुशंसित कॉलेज, संबद्धता प्राप्त कॉलेज : बिहार बोर्ड द्वारा कॉलेज की मान्यता निलंबित की जायेगी, इसके अलावा कॉलेज के शासी निकाय /प्रबंध समिति/तदर्थ समिति के प्रधान को हटाने की अग्रेतर कार्रवाई
– संबद्धता प्राप्त गैर सरकारी प्लस टू विद्यालय : बोर्ड द्वारा कॉलेज की मान्यता निलंबित करने के अलावा कॉलेज के शासी निकाय/प्रबंध समिति/तदर्थ समिति के प्रधान को हटाने की अग्रेतर कार्रवाई
– अंगीभूत कॉलेज व संबद्ध डिग्री कॉलेज : संबंधित विश्वविद्यालय के कुलपति को प्राचार्य के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई के लिए प्रतिवेदित करते हुए कॉलेज की इंटरमीडिएट संकायों की मान्यता निलंबित करने की कार्रवाई
