पटना : जदयू के राष्ट्रीय महासचिव आरसीपी सिंह ने कहा कि अकलियत समाज के लोग अपनी हिफाजत की चिंता मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर छोड़ दें. अल्पसंख्यक समुदाय के लोग अपना ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार जैसी बुनियादी चीजों पर केंद्रित करें. उन्होंने कहा कि जब तक संविधान है, तब तक हिंदुस्तान में धर्म के आधार पर भेदभाव मुमकिन नहीं है. अकलियत के लोग अपने अधिकार को समझें, एकजुट हों और किसी के बहकावे में नहीं आएं.
उन्होंने कहा कि राज्य में 10 से 19 नवंबर तक सभी जिलों में अल्पसंख्यक सम्मेलन किया जा रहा है. इसकी तैयारी के लिए सोमवार को पार्टी कार्यालय में अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक की गयी.
उन्होंने कहा कि जदयू के नेता को वोट की नहीं, वोटरों की चिंता है. उन्होंने कहा कि जो खुद को अल्पसंख्यकों के हिमायती बता रहे हैं, उनके शासनकाल की तुलना में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का बजट सौ गुना बढ़ा है. विधानपरिषद के मुख्य सचेतक संजय कुमार सिंह, प्रो युनूस हुसैन हकिम व अन्य मौजूद थे.
अल्पसंख्यक कार्यकर्ता सम्मेलन 10 नवंबर से
पटना : जदयू द्वारा पूर्व में लिये गये निर्णय के अनुसार पार्टी का अल्पसंख्यक जिला कार्यकर्ता सम्मेलन 10 नवंबर से आरंभ होगा. अल्पसंख्यक जिला कार्यकर्ता सम्मेलन 10-19 नवंबर तक चलेगा. 8 टीमों में पहली टीम का नेतृत्व पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) सह संसदीय दल के नेता आरसीपी सिंह करेंगे.
दूसरी टीम का नेतृत्व सांसद कहकशां परवीन, तीसरी टीम का विधान परिषद सदस्य मौलाना गुलाम रसूल बलियावी, चौथी टीम मंत्री खुर्शीद उर्फ फिरोज अहमद, पांचवीं टीम का नेतृत्व विधायक नौशाद अहमद, छठी टीम का नेतृत्व पूर्व विधान परिषद सदस्य गुलाम गौस, सातवीं टीम का नेतृत्व प्रो युनूस हुनैस हकिम और आठवीं टीम का जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के मो सलाम करेंगे.
