इमारते शरिया में कार्यकारिणी की बैठक, शांतिप्रिय लोग देश की शांति के लिए खड़े हों
फुलवारीशरीफ : इमारते शरिया बिहार, झारखंड और ओड़िशा के अमीर- ए- शरियत एवं ऑल इंडिया पर्सनल ला बोर्ड के महासचिव सैयद मौलाना वली रहमानी ने कहा कि वर्तमान में देश की स्थिति चिंताजनक है. इसके लिए शांतिप्रिय लोगों को शांति और आपसी सौहार्द बनाने के लिए खड़े होने की जरूरत है.
किसी जगह, किसी समय मॉब लिनंचिंग की खबरें मिलती हैं, जो देश के लिए घातक होगा. रविवार को इमारते शरिया की कार्यकारिणी की बैठक में उलमाये दीन को संबोधित करते हुए अमीर- ए- शरियत ने सारे उलमाये दीन और बुद्धिजीवी वर्ग के लोगों से अपील की है कि इमारते शरिया का संदेश हर घर तक पहुंचाएं. इमारते शरियत देश में आयी आपदा में बढ़चढ़ कर भाग लेता है. बिना भेदभाव के सभी धर्म की सेवा करता है.
इमारते शरिया का 2018-19 का बजट पेश
इमारते शरिया के बैतुल माल के प्रभारी मोशमी ने वर्ष 2018-19 का बजट पेश किया. उन्होंने ने आठ करोड़ 11 लाख 70 हजार रुपये का बजट पेश किया. इसके बाद उप सचिव मौलाना सनाउल्होदा कासमी ने प्रचार प्रसार की रिपोर्ट, उपसचिव मौलाना सोहराब नदवी ने दावते तबलीग की रिपोर्ट, मुफ्ती सुहैल अहमद कासमी ने दारुल कजा की रिपोर्ट, मौलाना सुहैल नदवी ने दारुल इस्लामिया की रिपोर्ट तथा मौलाना बासीत ने अलमहदआला की रिपोर्ट पेश की. इस मौके पर पूर्व मंत्री सह विधायक प्रो डाॅ अब्दुल गफूर, पूर्व विधायक नेहाल अहमद व रांची के प्रसिद्ध सर्जन डाॅ मजीद आलम समेत पूरे बिहार के बुद्धिजीवी वर्ग के लोग मौजूद थे. कार्यकारिणी का आरंभ कारी अनवर ने तिलावते कलाम पाक से हुई. वहीं, अमीर- ए – शरियत की दुआ पर बैठक समाप्त हुई.
केंद्र तीन तलाक के मुद्दे को राजनीतिक बना रहा : अनिसुर्रहमान कासमी
इमारते शरिया के नाजिम मौलाना अनिसुर्रहमान कासमी ने कहा कि केंद्र सरकार ने तीन तलाक के मुद्दे को राजनीतिक मुद्दा बना रही है. देश में बेरोजगारी बढ़ी है और महंगाई पर भी चिंता जतायी. सांसद अशफाक करीम ने कहा कि अमीर- ए -शरियत के नेतृत्व में देश के हर नाजुक मौके पर नजर रखे हुए हैं. मौलाना शमशाद रहमानी ने कहा कि लोग काम से जाने जाते हैं न कि बातों से.
मौलाना मशहुद कादरी नदवी ने कहा कि मदरसों में हिंदी को पाठ्य में शामिल करना चाहिए ताकि इन दिनों एक षड्यंत्र के तहत इस्लाम धर्म को बदनाम किया जा रहा है. प्रो मौलाना शकील कासमी ने इमारते शरिया द्वारा किये गये कार्यों को सराहा. मौलाना नजीर तौहीद ने कहा कि इमारते शरिया के संरक्षण में चल रहे विभिन्न संस्थानों को और मजबूत करने की जरूरत है.
इरफान अहमद ने लड़कियों की शिक्षा पर कहा कि अगर एक लड़की पढ़ती है तो सात खानदान पढ़ता है. इमारते शरिया को चाहिए कि लड़की के लिए गुणवत्तापूर्ण स्कूल खोला जाये. जहां इस्लामिक शिक्षा के साथ-साथ अाधुनिक शिक्षा की पढ़ाई हो. मौके पर मौलाना मो कासीम मुज्जफपुरी भी मौजूद थे.
