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सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले काे निरस्त करने का स्वागत पटना : महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले को निरस्त करने का स्वागत किया है. विभिन्न संगठनों की महिलाओं ने कहा है कि एससी-एसटी उत्पीड़न विराेधी कानून हाे या दहेज विराेधी कानून, हाल के वर्षाें में इन कानूनाें के दुरुपयाेग काे लेकर […]

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले काे निरस्त करने का स्वागत
पटना : महिलाओं ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व के फैसले को निरस्त करने का स्वागत किया है. विभिन्न संगठनों की महिलाओं ने कहा है कि एससी-एसटी उत्पीड़न विराेधी कानून हाे या दहेज विराेधी कानून, हाल के वर्षाें में इन कानूनाें के दुरुपयाेग काे लेकर न्यायालयाें के जाे फैसले आये हैं वाे ज्यादा चिंताजनक हैं.
दहेज विराेधी कानून के मामले में सुप्रीम काेर्ट के शुक्रवार के आदेश का स्वागत करते हैं. महिलाओं ने कहा है कि किसी भी कानून का दुरुपयाेग राेकने के लिए पहले से कानूनी प्रावधान माैजूद है. उसका जिक्र शुक्रवार के सुप्रीम काेर्ट के फैसले में हुआ है. काेर्ट ने कहा है कि गिरफ्तारी से संरक्षण के लिए अग्रिम जमानत लेने आैर जांच के दाैरान किसी आपराधिक मामले के निराधार हाेने पर आपराधिक प्रक्रिया काे निरस्त करने का कानूनी प्रावधान पहले से माैजूद है.
किसी भी मामले यहां तक कि हत्या के मामले में भी पुलिस काे यह अधिकार है कि उसे यदि लगता है तुरंत गिरफ्तारी उचित नहीं है, ताे वह गिरफ्तारी नहीं भी कर सकती है. इस मामले में विचार रखने वालों में कंचन बाला, सुशीला सहाय, अनामिका आदि शामिल हैं.

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