रिमांड की अवधि पूरी, दाेनों ने माना ‘सिस्टम’ से जुड़े लोगों से हैं संबंध, फिर भेजे गये जेल
पटना : राजीवनगर के नेपाली नगर में संचालित आसरा होम को सरकार की तरफ से मिलने वाले फंड में घोटाला किया गया है. इस पूरे मामले में वित्तीय अनियमितता किये जाने की पुष्टि हुई है. इसके पुख्ता फेक्ट मिले हैं.
आसरा होम के संचालन को लिए जिस मद में पैसे दिये गये हैं उसे सही ढंग से खर्च नहीं किया गया है. 28 लाख रुपये की मिली पहली किस्त को ठीक ढंग से खर्च नहीं किया गया है. पुलिस कागजातों का मिलान कर रही है. कुछ अन्य सूबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं जिसे खंगाला जा रहा है. इसका खुलासा रिमांड पर लिये गये आसरा होम की ट्रेजर मनीषा दयाल और सचिव चिरंतन से पूछताछ में हुई है. पुलिस को कई अहम सुराग मिले है. हालांकि अभी तक एसआईटी ने दोनों के बैंक एकाउंट को फ्रिज नहीं किया है लेकिन छानबीन जारी है.
इधर रिमांड की अवधि पूरी होने के कारण गुरुवार को दाेनों को वापस बेऊर जेल भेज दिया गया है. यह भी पता चला है कि अनुमाया ह्युमन रिसोर्स नाम का एनजीओ पहले चिरंतन के पिता के नाम पर था, बाद में उसे चिरंतन ने अपने नाम करा लिया था. पूछताछ के दौरान गर्दनीबाग महिला थाने में उस समय एसआईटी हक्का-बक्का हाे गयी जब सवालों का जवाब देते वक्त मनीषा दयाल को गुस्सा आ गया.
उसने एक बार फिर संबंधों का हवाला दिया और कहा कि हां मैं स्वीकार करती हूं कि ‘सिस्टम’ से जुड़े लोगों से संबंध हैं. उसने कुछ लोगों के नाम भी लिये हैं. उसके मोबाइल फोन और लैपटॉप से भी इस बात के प्रमाण मिल चुके थे. एसआईटी ने दोनों से पहले अलग-अलग फिर आमने-सामने भी पूछताछ की. मनीषा दयाल की वीआइपी सर्किल की जानकारी एसआईटी ने पहले से एकत्रित कर रखा है.
कुछ खास लोग हैं पुलिस के रडार पर, जल्द होगी छापेमारी
रिमांड पर हुई पूछताछ के बाद एसआईटी के पास काफी कुछ जानकारी हाथ लगी है. सूत्रों कि मानें तो कुछ और लोगों को चिह्नित किया गया है, यह आम नहीं खास लोग हैं, पुलिस बहुत जल्द चिह्नित किये गये लोगों पर हाथ डालेगी.
इसकी लिस्ट तैयार कर ली गयी है. पुलिस जल्द छापेमारी करेगी. वहीं मनीषा दयाल के प्रभाव में आकर उसका गलत तरीके से सहयोग करने वाले कुछ सीनियर अधिकारी अंडरग्राउंड हो गये हैं. हालांकि खुले तौर पर पुलिस किसी अधिकारी का नाम नहीं ले रही है लेकिन संदिग्ध गतिविधियों वाले लोग पुलिस के रडार पर हैं.
आसरा होम के फंड में वित्तीय अनियमितता को लेकर अनुसंधान चल रहा है. इसके कुछ सबूत भी मिले हैं. रिमांड के दौरान दोनों से पूछताछ हुई है. काफी जानकारी हासिल हुई है. आगे इसमें कार्रवाई की जायेगी.
—अमरकेश डी, सिटी एसपी मध्य पटना
