पटना : राजीव नगर के नेपाली नगर स्थित आसरा होम को लेकर चल रही जांच अब लगभग पूरा होने की उम्मीद है. जिलाधिकारी कुमार रवि के निर्देश पर मामले की जांच कर रहे एसडीओ सदर सुहर्ष भगत एक-दो दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंप देंगे.
शनिवार को उनसे इस मामले को लेकर बात की गयी तो कई मुद्दे निकल कर सामने अाये. एसडीओ ने बताया कि अासरा होम में प्रमुख रूप से चिकित्सीय लापरवाही का है. राजीव नगर का आसरा होम मानसिक रूप से बीमार बच्चियों व महिलाओं का है. जहां तक अासरा होम का मामला है, तो वहां पर नियमित रूप से किसी नर्स की बहाली नहीं की थी.
डॉक्टर जांच के लिए नहीं आते थे. कई की हालत पहले से गंभीर थी. किस को कौन सी बीमारी है उसका मेडिकल रिकॉर्ड नहीं रखा गया था. इसके अलावा उनके मानसिक विकास के लिए कोई मेंटल एजुकेशन की व्यवस्था नहीं थी. इन्हीं मुद्दों पर जांच टीम ने अपना फोकस रखा है. एसडीओ ने बताया कि जहां तक आसरा होम में सेक्सुअल ह्रासमेंट की बात है, तो अभी तक के जांच में इस तरह के मामले नहीं आ रहे हैं.
एनजीओ को होम शेल्टर चलाने का अधिकार
जांच रिपोर्ट में अगर अंतिम रूप से ऐसा मामला आता है तो मेंटल महिलाओं के शेल्टर होम चलाने को लेकर सवाल उठने लगेंगे. अब राजीव नगर मामले में मानसिक रूप से विकलांग बच्चियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी तो आखिर समाज कल्याण विभाग की ओर से ऐसे एनजीओ को कैसे होम शेल्टर चलाने का लाइसेंस दे दिया गया.
विदेशों तक मौज करने वाले रसूखदाराें के सूख चूके हैं हलक
रिटायर्ड और सेवारत अधिकारी पुलिस के रडार पर, होगी पूछताछ
पटना : एनजीओ संचालक मनीषा दयाल के संपर्क में रहकर विदेशों तक मौज करने वाले बिहार के रिटायर्ड आईएएस अधिकारी और सेवारत आईएएस अधिकारियों के हलक सूखे हुये हैं. पिछले छह महीने में मनीषा दयाल से फोन पर बातचीत, उसके कार्यक्रमों शिरकत करने वाले तथा विदेशों की सैर करने वाले रसूखदारों ने मामले की जांच कर रही एसआईटी और पुलिस के वरीय पदाधिकारियों की गणेश परिक्रमा शुरू कर दिया है. दरअसल ब्रजेश ठाकुर, मनीषा दयाल और चिरंतन की तिकड़ी बिहार के कई रसूखदारों के गले की फांस बनने वाली है. इस तिकड़ी के वीआईपी सर्किल पर पुलिस की नजर है.
मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की जांच कर रही सीबीआई को सीडीआर से यह जानकारी मिली है कि यह तीनों तो आपस में बात करते ही थे, इनकी वीआईपी सर्किल भी लगभग एक ही है. ऐसे में सीबीआई मनीषा दयाल से पूछताछ कर सकती है. इसके अलावा अन्य रसूखदार भी लपेटे में आ सकते हैं. पटना के आसरा होम मामले की जांच कर रही एसआईटी कुछ अन्य तथ्यों को भी खंगाल रही है. पुलिस की पड़ताल से रसूखदारों में हड़कंप मचा हुआ है.
दूसरे दिन भी एकाउंटेंट से हुई पूछताछ
अनुमाया ह्युमन रिसोर्सेज फाउंडेशन के सचिव चिरंतन कुमार और डायरेक्टर मनीषा दयाल के अकाउंटेंट मोहित रोशन शनिवार को कई घंटे तक पटना पुलिस के निगरानी में थे. पुलिस ने लंबी पूछताछ की है. उससे आसरा होम में खर्च किये गये सरकारी फंड का ब्योरा मांगा गया है.
लगातार दूसरे दिन पूछताछ की गयी है. पासबुक की जांच की गयी है. इस दौरान उन्हें यहां भी अधूरी जानकारी हासिल हुई है. पुलिस टीम ने मोहित के पास से एक लैपटॉप भी बरामद किया है. लैपटॉप को भी अच्छे से खंगाला जा रहा है. डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर मनोज कुमार सुधांशु की मानें तो बरामद किये गये लैपटॉप से भी कुछ-कुछ जानकारियां जांच टीम को हासिल हुई हैं.
बैंक पहुंची पुलिस, मनीषा के एकाउंट की जांच : सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दारपीनेनी पुलिस टीम के साथ शनिवार को बैंक पहुंची थी. एनजीओ, चिरंतन और मनीषा के बैंक अकाउंट्स की जांच की. पुलिस ने बैंक से डिटेल लिया है. मनीषा के बेटे और पति का भी एकाउंट चेक किया है. चिरंतन भी एसआईटी के निशाने पर है.
