पटना : राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (नेशनल सैंपल सर्वे) में तमाम परेशानियां आ रही हैं. क्षेत्र में इस काम को लेकर निकले कर्मचारियों को जनता अपेक्षित सहयोग नहीं कर रही है. दरअसल, लोगों को लगता है कि इसमें सभी तरह की जानकारी देने से सरकार कुछ और टैक्स का बोझ जनता पर लाद देगी. जबकि ऐसा कुछ है नहीं. अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक ने अपील की है कि क्षेत्र में जाने वाले कर्मचारियों का सहयोग करें और अपेक्षित जानकारियां उपलब्ध करायें.
राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण के 76वें सत्र का कार्य प्रगति पर है. सर्वेक्षण का काम जुलाई से दिसंबर के बीच खत्म करना है. इसका मुख्य विषय पेयजल, स्वच्छता, आरोग्यता व आवासीय स्थिति व दिव्यांगजनों का सर्वेक्षण है. इस विषय से संबंधित तय प्रपत्रों पर यह सारी जानकारियां जुटानी हैं.
इस काम में अर्थ व सांख्यिकी निदेशालय के अन्वेषकों एवं पदाधिकारियों को लगाया गया है. ये लोग ग्राम व शहरी इकाइयों में जाकर आंकड़े जुटा रहे हैं. ये आंकड़े प्रदेश व पूरे देश के सामाजिक पृष्ठभूमि में परिवारों की स्वच्छता, आवासीय स्थिति तथा समाज में परिलक्षित दिव्यांगता के आकलन के लिए महत्वपूर्ण है.
