बेशर्मी की हद, अधिकारी और जिम्मेदार भी बेफिक्र
पटना : पटना के अधिकतर हिस्सों में पार्किंग की जगहों पर बाजार और फुटपाथ पर मीट का अवैध कारोबार हो रहा है. कोर्ट की फटकार के बाद कभी कभार सरकारी एजेंसियां अतिक्रमण हटाती भी हैं, तो कुछ ही घंटे में अवैध व्यवसाय से जुड़े लोग फिर बाजार लगा लेते हैं. बीते गुरुवार को जिन इलाकों से अवैध कारोबारी भगाये गये, उन्हीं इलाकों में फिर अवैध बाजार सज गये हैं. राजापुल से लेकर बोरिंग रोड तक में ये गतिविधियां सरेआम देखी जा सकती हैं.
फुटपाथ पर अवैध कब्जा जमाने वालों में हरिलाल जैसे चर्चित कारोबारी संस्थान भी हैं. बोरिंग रोड चौराहे से राजा पुल पर बीते रोज अतिक्रमण अभियान में एफआईआर से लेकर जुर्माना तक की कार्रवाई को लोग धता बता रहे हैं. कार्रवाई के 24 घंटे बाद ही दोबारा अतिक्रमण हो गया. ऐसे में निगम की कार्रवाई पर सवाल भी खड़े हो गये हैं. शहर के बोरिंग कैनाल रोड से राजा पुल चौराहे तक कई प्वाइंट ऐसे हैं, जहां निगम की टीम ने दर्जनों बार अभियान चलाया, लेकिन आज भी समस्या वैसी ही है.
अतिक्रमण हटाने के बाद बोरिंग कैनाल रोड की पार्किंग और फुटपाथ का नजारा.
अभियान के एक दिन बाद ही फिर से सजने लगीं दुकानें, फिर होने लगा अवैध कब्जा.
24 घंटे में सज
गयीं अवैध दुकानें
गुरुवार को बोरिंग रोड चौराहे के समीप अतिक्रमण में चिकन, मटन शॉप हटाये गये, लेकिन महज 24 घंटे में ही सभी दुकानें फिर से सज गयीं. इतना ही नहीं चौराहे के समीप सब्जी की दुकानें, हाथ व पान ठेला फिर से अपनी जगह पर लग गये हैं.
इसके अलावा आईजीआईएमएस के पास, जीपीओ गोलंबर, बेली रोड, न्यू पटना संग्रहालय के सामने कई जगहाें की मुख्य सड़कों पर दुकानें पुन: सज गयी हैं. एक दिन पहले से नगर-निगम द्वारा दुकानों को हटाया गया था.
प्रतिष्ठित दुकानों द्वारा भी किया जा रहा अतिक्रमण
शहर की प्रतिष्ठित दुकानों में शामिल बोरिंग केनाल रोड स्थित हरिलाल मिठाई की दुकान द्वारा भी अतिक्रमण करके जलेबी, चाट, गोलगप्पे बेचे जा रहे थे. गुरुवार को नगर निगम ने दुकान संचालक को फटकार लगाते हुए यहां का अतिक्रमण हटाया था. अगले दिन शुक्रवार की सुबह से ही हरिलाल द्वारा फिर से अतिक्रमण कर जलेबी व चाट बेचने का कारोबार किया जा रहा है.
बेबस सरकारी एजेंसियां या इच्छाशक्ति का अभाव: जानकारों के मुताबिक फुटपाथों एवं पार्किंग की जगहों पर अवैध कब्जा कर दुकान चलाने वालों के सामने निगम या तो बेबस है अथवा इच्छाशक्ति का अभाव है. दरअसल शहर में एक सिस्टम बना पाने में सरकारी एजेंसियां असफल रही हैं. बाजार का विस्तार कैसे हो? व्यावसायिक एवं आवासीय इलाकों के नॉर्म्स प्रभावी नहीं हैं. शहर में मास्टर प्लान भी ठीक से लागू नहीं किया जा सका है.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
इस परिदृश्य में प्रभात खबर ने शहर के जाने-माने इंजीनियर एवं आर्किटेक्ट जेके लाल से बातचीत की. उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिये कुछ खास सुझाव दिये हैं. ये सुझाव सरकारी एजेंसियों के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं.
पटना में टाउन प्लानिंग नहीं है, उसे करना होगा. पटना को कई एरिया में बांट कर वहां व्यावसायिक कॉम्पलेक्स बनाना चाहिए. n पटना टाउन के आसपास वाली जगह को मार्केट के तौर पर विकसित करें, ताकि पटना टाउन में आने के बदले अपने पास की जगह पर शॉपिंग करें. n बाजार के विकास के दरम्यान उसके ग्रीन बेल्ट को सुरक्षित रखना चाहिए. n व्यावसायिक एवं आवासीय इलाकों के लिये बनाये गये नॉर्म्स का पालन कराना चाहिए.
