विदेश में भोजपुरी गौरव सम्मान दिलाकर मनीषा ने आईएएस लॉबी में बढ़ायीं नजदीकियां
पटना : एनजीओ संचालक और आसरा होम की ट्रेजरर मनीषा दयाल की बिहार के आईएएस लॉबी और रसूखदारों से यूं ही नजदीकियां नहीं थी. इवेंट मैनेजमेंट के जरिये विदेशों तक होने वाले भव्य कार्यक्रम में बिहार के आईएएस और रसूखदार मनीषा दयाल की ‘दया’ से फ्री ऑफ कास्ट मजे करते थे. मनीषा दयाल का बैकग्राउंड खंगाल रही एसआईटी को कुछ प्रूफ मिला है. कुछ फोटोग्राफ मिले है, सीडीआर से भी लंबी बातचीत के प्रमाण मिले हैं.
सूत्रों कि मानें तो इसी मई माह में मनीषा दयाल ने बिहार के कई आईएएस अधिकारियों को मलयेशिया की सैर करायी थी. वहां पर आयोजित भोजपुरी गौरव सम्मान में बिहार के आईएएस अधिकारियों को सम्मानित किया गया था. इस कार्यक्रम को मलयेशिया के पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित किया गया था. इसमें इंडिया से मनीषा दयाल और बिहार के एक राज नेता के रिश्तेदार व मनीषा दयाल के करीबी भी भागीदार थे. अब पुलिस के संज्ञान में यह मामला अाया है. पुलिस उन अाईएएस अधिकारियों की शिनाख्त करने में जुटी हुई है, इसके बाद उसका पूरा कनेक्शन खंगाला जायेगा. यहां बात दें कि जिस दिन से मनीषा दयाल पुलिस के गिरफ्त में आयी है, कई वीआईपी के होश फाख्ता हो गये हैं. फिलहाल देखना होगा कि आखिर यह जांच-पड़ताल कितनी आगे बढ़ पाती है.
आसरा होम में दो संवासिनों की हुई मौत मामले में मनीषा दयाल से पटना पुलिस की पूछताछ गुरुवार को देर शाम तक होती रही. मनीषा ने कौन से राज खोले हैं, इस पर पुलिस खामोश है, लेकिन अंदर खाने जांच-पड़ताल चल रही है. दरअसल मनीषा दयाल का बड़े लोगों से संपर्क था, यह तो कॉल डिटेल्स और तस्वीरों से प्रमाणित हो रहा है, लेकिन किसी घोटाले का सीधे तौर पर प्रमाण नहीं मिला है. पुलिस इसकी तलाश कर रही है. एसआईटी को जानकारी मिली है कि मनीषा दयाल ने लाइजनिंग के सारे गुण अपने भाई मनीष से सीखा है. पुलिस उसकी भी प्रोफाइल को भी खंगाल रही है. मनीषा के भाई ने भी आईएएस अधिकारियों से करीबी रिश्ता बनाकर सरकारी काम लिया है. पुलिस की नजर उस पर भी है.
तेजी से बनायी पहचान : मनीषा दयाल अपने एनजीओ के काम को विस्तार देने के लिए सरकारी सिस्टम को जब पकड़ना शुरू किया तो चिरंतन और कथित पत्रकार प्रेम ने भी मदद के लिए हाथ बढ़ाया. प्रेम समय पर मनीषा का सलाह देता था. इसके अलावा मुजफ्फरपुर कांड का गुनहगार ब्रजेश ठाकुर भी मनीषा दयाल की मदद किया. एक तरह से मनीषा दयाल ब्रजेश ठाकुर को अपना रोल मॉडल मानती थी. दोनों के करीबी रिश्ते की वजह से समाज कल्याण विभाग में मनीषा की पहुंच बन पायी. सारी सेटिंग हुई, इसके बाद मनीषा को आसरा होम का काम मिला.
मनीषा और चिरंतन को पुलिस दोबारा रिमांड पर ले सकती है : पुलिस की इस जांच में अभी बहुत कुछ सामने आना बाकी है. पुलिस सूत्रों का कहना है कि मनीषा दयाल और चिरंतन बहुत ही शातिर हैं. उन्होंने एनजीओ से जुड़े दस्तावेजों को गायब कर दिया है. उसके घर से भी कुछ खास बरामद नहीं हो सका है. ऐसे में अगर जरूरत पड़ी तो दोबारा मनीषा और चिरंतन को रिमांड पर लिया जायेगा.
