पटना : अब सरकारी आवासों व परिसरों की मरम्मत का काम प्राइवेट एजेंसी करायेगी. इस संबंध में पॉलिसी शीघ्र तैयार होगी. नयी पॉलिसी तीन साल के लिए लागू होगी. सरकारी आवासों व परिसरों में काम कराने के लिए समेकित प्राक्कलन का गठन करते हुए सभी प्रक्रिया को पूरा करना है.
नवंबर से नयी पॉलिसी के लागू होने की संभावना है. इस पॉलिसी से न्यायाधीशों के आवास व बंगलों को बाहर रखा जायेगा. नयी पॉलिसी की रूपरेखा तय करने के लिए विभाग ने पत्र जारी किया है. पायलट के तौर पर इसे पाटलिपुत्र भवन प्रमंडल में शुरू करने की योजना है. जानकारों का कहना है कि नयी पॉलिसी से छोटे-छोटे कांट्रैक्टरों को काम मिलना मुश्किल हो जायेगा. सरकारी काम का ठेका लेने के लिए नया निबंधन कराने में भी परेशानी होगी.
तय हुई टाइम लाइन
विभाग ने नयी पॉलिसी को पहली नवंबर से लागू करने की टाइम लाइन तय की है. इसके लिए पाटलिपुत्र भवन प्रमंडल के सभी संबंधित विद्युत अभियंता व उद्यान पदाधिकारी से इस्टीमेट प्राप्त कर समेकित प्राक्कलन का गठन 20 अगस्त तक करना है.
प्राक्कलन पर तकनीकी अनुमोदन व प्रशासनिक स्वीकृति 10 सितंबर तक ले लेना है. प्राक्कलन पर तकनीकी स्वीकृति प्राप्त कर उसका अनुमोदन व प्राइवेट एजेंसी के चयन के लिए टेंडर को 31 अक्तूबर तक फाइनल करना है. पहली नवंबर से नयी पॉलिसी का लागू होना है
प्राइवेट एजेंसी तय करेगी काॅन्ट्रैक्टर
नयी व्यवस्था में प्राइवेट एजेंसी सरकारी आवासों व परिसरों के काम का आकलन करेगी. इसके बाद मरम्मत कराने के लिए काॅन्ट्रैक्टर का चयन होगा. प्राइवेट एजेंसी की तैयार सूची में शामिल कांट्रैक्टर में से उसका चयन होगा. सरकारी आवासों व परिसरों में नित्य प्रतिदिन खराब होनेवाले उपकरण, विशेष मरम्मत काम, सिविल, बिजली व हॉर्टीकल्चर का काम व उसका संचालन प्राइवेट एजेंसी के जिम्मे होगा. काम कराने के मामले में प्राइवेट एजेंसी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होगा. वह लोकल या बाहरी किसी भी एजेंसी से काम में सहयोग ले सकती है.
