पटना : छठे दिन भी निराशा, सोनार सिस्टम से भी नहीं खोज पाये स्कॉर्पियो, गोताखोरों ने तेज बहाव में दिखाया पराक्रम

12 घंटे चली सर्चिंग, उत्तराखंड की एक्सपर्ट टीम ने की तलाशी पटना सिटी : उत्तराखंड से आयी पांच सदस्यीय एक्सपर्ट टीम ने सोनार सिस्टम के माध्यम से 45 फुट से भी अधिक गहराई तक गंगा में स्कॉर्पियो की तलाशी की. हालांकि, उन्हें सफलता हाथ नहीं मिली. टीम अब सोमवार को भी सर्च आॅपरेशन चलायेगी. गोताखोरों […]

12 घंटे चली सर्चिंग, उत्तराखंड की एक्सपर्ट टीम ने की तलाशी
पटना सिटी : उत्तराखंड से आयी पांच सदस्यीय एक्सपर्ट टीम ने सोनार सिस्टम के माध्यम से 45 फुट से भी अधिक गहराई तक गंगा में स्कॉर्पियो की तलाशी की.
हालांकि, उन्हें सफलता हाथ नहीं मिली. टीम अब सोमवार को भी सर्च आॅपरेशन चलायेगी. गोताखोरों की टीम ने गहराई में कई डुबकियां लगायीं, लेकिन परिणाम ढाक के तीन पात ही रहा. स्काॅर्पियो और सवार किशोर का कुछ अता-पता नहीं चला. रविवार को सर्च ऑपरेशन सुबह पांच से शाम पांच बजे तक चला. गोताखोरों की टीम में शामिल दारोगा कविंद्र रजवान व सिपाही दीपक बरहारी, सुमित नेगी, मातवर व दीपक जोशी नदी में कई चक्कर लगाये. सोनार सिस्टम का उपयोग करके भी स्कॉर्पियो का पता लगाया गया. इस तकनीक के सहारे पानी की गहराई नापने का काम किया जाता है.
इस तकनीक का इस्तेमाल करके गंगा नदी में 45 फुट की गहराई तक स्काॅर्पियो की तलाश की गयी. अलबत्ता सफलता नहीं मिली. हालांकि, एक्सपर्ट की टीम सोमवार को भी तलाशी के काम में लगेगी. टीम के साथ एनडीआरएफ के इंस्पेक्टर राजेश कुमार और राकेश कुमार भी लगे थे.
मोकामा से पटना के बीच तलाशी
दूसरी तरफ एनडीआरएफ की टीम मोकामा से पटना के बीच गंगा में सर्च आॅपरेशन चलाया. इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि चार टीम ने पटना से मोकामा की तरफ से सर्च आॅपरेशन चलाया. जबकि, चार टीम ने मोकामा से पटना के बीच गंगा में सुबह से शाम तक सर्च आॅपरेशन चलाया. जिसमें 35 लोगों का दल लगा था.
एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर रामानुज राय ने बताया कि उनकी टीम भी सेकेंड कमांडेट एके झा के साथ दारोगा अशोक कुमार, ड़िमी लाल, सुनील कुमार व 20 जवान सेतु पर अभियान में लगे रहे. इसके अलावा दो बड़ी नाव लेकर गोताखोर राजेंद्र सहनी के नेतृत्व में गोताखोरों का दल गंगा में सर्च ऑपरेशन चलाया. 12 घंटे सुबह पांच से शाम पांच बजे तक चले सर्च आॅपरेशन के दरम्यान सफलता नहीं मिली.
बताते चलें कि बीते 31 जुलाई की सुबह लगभग सवा पांच बजे हाजीपुर की तरफ से आ रही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो सेतु की पाया संख्या 38 के पास कट प्वाइंट के समीप लोहे की रेलिंग को तोड़ते हुए गंगा में गिर गयी. जिसमें सवार लोगों के जल समाधि की आशंका जतायी जा रही है. इसके बाद मची उच्चाधारियों के निर्देश पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
क्या है सोनार सिस्टम
एक्सपर्ट के मुताबिक सोनार सिस्टम का मतलब साउंड नेविगेशन एंड रेजिंग सिस्टम होता है. इसके तहत विशेष टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. इसमें साउंड वेब सामने मौजूद किसी भी ऑब्जेक्ट से टकरा कर वापस आती है. उससे पता चल जाता है कि पानी के अंदर मौजूद कोई वस्तु या पदार्थ (तलाशा जा रहा ऑब्जेक्ट) कितनी दूरी पर है.
उम्मीद लगाये दादा भी रिश्तेदार के साथ घाट पर पहुंचे
पटना सिटी : छह दिन हो गये हैं. गंगा में गिरे स्कॉर्पियो की तलाश चल रही है पर सर्च आॅपरेशन कामयाब नहीं हो सका है. पुलिस को चाहिए की लड़की व उसके परिजन से पूछताछ करें. इन लोगों को आदर्श के गायब होने की पूरी जानकारी है. यह बात रविवार को फिर लापता आदर्श के बड़े भाई आयुष ने कहीं. दो दिन पहले पिता डॉ विपिन कुमार सिंह ने भी यही बात दोहरायी थी.
रविवार को गायब आदर्श के दादा भी रिश्तेदारों के साथ गायघाट गंगा तट पहुंचे. हालांकि, कुछ देर बाद दादा को लौटा दिया गया. लेकिन, उम्मीद लगाये आयुष सर्च आॅपरेशन के दरम्यान रिश्तेदार के साथ डटा रहा. भाई का कहना है कि पुलिस जांच कर रही है, लेकिन लड़की व उनके परिजनों से पुलिस सख्ती से पूछताछ नहीं कर रही है.

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