पटना : मुजफ्फरपुर बालिका दुष्कर्म कांड मामले पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चुप्पी तोड़ने के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए समाज कल्याण विभाग के छह सहायक निदेशक, बाल संरक्षण इकाई (एडीसीपी) को सस्पेंड कर दिया है. समाज कल्याण विभाग के निदेशक राजकुमार के आदेश पर यह कार्रवाई की गयी है. विभाग के अधिकारियों पर राज्य के बालिका गृहों में अनियमितताओं की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं करने के आरोप पर सस्पेंड किया गया है. सभी सहायक निदेशकों पर टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज की ‘कोशिश’ टीम द्वारा किये गये सामाजिक अंकेक्षण संबंधी रिपोर्ट पर आदेश के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप है.
निलंबित अधिकारियों में मुजफ्फरपुर के एडीसीपी दिवेश कुमार शर्मा समेत मुंगेर की सीमा कुमारी, अररिया के घनश्याम रविदास, मधुबनी के कुमार सत्यकाम, भागलपुर की गीतांजलि प्रसाद एवं भोजपुर के तत्कालीन एडीसीसी आलोक रंजन शामिल है. निलंबन आदेश के अनुसार टीआईएसएस सामाजिक लेखा परीक्षा रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप है. उक्त रिपोर्ट में लड़कियों की प्रताड़ना की जानकारी दर्ज है. इन अधिकारियों पर निरीक्षण रिपोर्ट में कभी भी बालिका गृहों की वस्तुस्थिति से उच्चाधिकारियों को अवगत नहीं कराने का भी आरोप है. ज्ञात हो कि एक तरह जहां इस कांड की जांच सीबीआई शुरू कर कर दी है. वहीं, समाज कल्याण विभाग भी अपनी कार्रवाई जारी रखी है. इसी क्रम में दोषी पाये गये छोटे अधिकारियों पर अब गाज गिरना शुरू हो गया है.
