हाईकोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग
पटना : मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की निष्पक्ष जांच और राज्य की समाज कल्याण मंत्री समेत कई अन्य को बर्खास्त करने की मांग को लेकर गुरुवार को वामदलों के बिहार बंद का मिला-जुला असर रहा. हालांकि पटना में कई स्कूल एहतियातन बंद रखे गये.
बंद के समर्थन में उतरे विद्यार्थियों ने कुछ जगहों पर कॉलेज और उच्च शिक्षा के संस्थानों को जबरन बंद कराया. दुकानें भी बंद कराने की कोशिश की गयी.
जेपी गोलंबर के पास बंद करा रहे आंदोलनकारियों एवं पुलिस में हल्की झड़प की खबर मिली. पुलिस ने केवल हवा में डंडे लहराये. हालांकि बंद के दौरान सार्वजनिक यातायात बिल्कुल प्रभावित नहीं हुआ. कई इलाकों में सुबह से ही दुकानें खुली रहीं. केवल डाक बंगला के आसपास की कुछ दुकानें कुछ देर तक बंद रखीं गयी. बाजार में बंद का परिदृश्य कुछ इस प्रकार रहा कि जहां-जहां बंद समर्थक गुजरे, दुकानदारों ने शटर नीचे कर लिये और जब वह कारवां गुजर गया तो फिर दुकानें खोल लीं. बंद कराने वाले कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले पटना कॉलेज को बंद कराया, इसके बाद वह नारेबाजी करते हुए विश्वविद्यालय पहुंचे. वहां से वे राम गुलाम चौक होते हुए डाक बंगला पहुंचे.
शहर के दूसरे हिस्सों में बंद के समर्थन में लोग निकले. हालांकि वामदल सहित सभी प्रमुख विपक्षी पार्टियों ने बंद को सफल बताया है. बंद समर्थकों ने राज्य की समाज कल्याण मंत्री मंजु वर्मा और नगर विकास एवं आवास मंत्री सुरेश शर्मा को मंत्री पद से अविलंब बर्खास्त करने, चंद्रशेखर वर्मा को गिरफ्तार करने और सीबीआई की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में करने की मांग की. माकपा के राज्य सचिव अवधेश कुमार ने आंदोलन तेज करने की अपील की.
दमन का आरोप : भाकपा के राज्य सचिव सत्य नारायण सिंह ने आरोप लगाया कि बंद समर्थकों के साथ राज्य सरकार का रवैया विद्वेषपूर्ण और दमनात्मक रहा. भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने बच्चियों के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है. हमारी मांग है कि इन सभी मामलों की सुप्रीम कोर्ट के प्रत्यक्ष निर्देशन में सीबीआई जांच होनी चाहिए.
सरकार को जगाया : कांग्रेस विधान मंडल दल के नेता सदानंद सिंह ने कहा कि सरकार को जगाने में बंद कामयाब रहा. मामला इतना संवेदनशील है कि सर्वोच्च न्यायालय तक ने स्वतः संज्ञान लिया है. विपक्ष की मांग और दबाव पर ही सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की है.
राजद ने निकाला जुलूस : पटना में राजद प्रदेश कार्यालय से कार्यकर्ताओं का जत्था शहर के विभिन्न भागों से गुजरते हुए डाकबंगला चौराहा पहुंचा और समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा से इस्तीफा, उनके पति की गिरफ्तारी और सीबीआई जांच की निगरानी हाईकोर्ट की निगरानी में कराने की मांग की.
बाढ़ में हाईवे जाम कर किया मार्च
तारेगना स्टेशन पर ट्रेन रोकी : बंद का मसौढ़ी व धनरूआ में मिलाजुला असर रहा. वहीं, पुनपुन में आंशिक असर देखने को मिला. राजद, सीपीआई (एम), सीपीआई व सीपीआई (एमएल) के कार्यकर्ता सुबह से ही सड़कों पर घूम रहे थे और नारे लगा रहे थे. इसके कारण सुबह से दोपहर तक अधिकांश दुकानें बंद रहीं. भाकपा (माले) की एक टोली तारेगना स्टेशन पर पटना-हटिया सुपर फास्ट एक्सप्रेस को थोड़ी देर के लिए रोक दी.
बंद रहे अधिकांश स्कूल, सरकारी में चलीं कक्षाएं
वाम दल आहूत बंद को लेकर गुरुवार को राजधानी स्थित अधिकांश प्राइवेट स्कूल बंद रहे. स्कूलों में की ओर से एक दिन पहले बुधवार को ही छुट्टी की घोषणा कर दी गयी थी. मोबाइल मैसेज आदि के माध्यम से अभिभावकों को छुट्टी संबंधी सूचना दे दी गयी थी. हालांकि कुछ अभिभावकों ने बताया कि संबंधित स्कूल की ओर से मैसेज देर से भेजा गया था. दूसरी ओर सरकारी स्कूलों में आम दिनों की तरह कक्षाएं चलीं.
बंद का पीयू पर भी असर : पटना. बिहार बंद का छात्र संगठनों ने भी समर्थन करते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया. वहीं पटना विश्वविद्यालय पर भी इसका असर देखने को मिला. एआईएसएफ और आईसा के बैनर तले सुबह 9 बजे से ही पटना विवि के दरभंगा हाउस पहुंच गये. दरभंगा हाउस के राजा ब्लॉक व रानी ब्लॉक, वाणिज्य कॉलेज, पटना कॉलेज में छात्र संगठनों की अपील पर छात्रों ने कक्षा बहिष्कार किया.
