पटना : राजधानी पटना क्षेत्र में हो रही 24 घंटे की बारिश के कारण बेली रोड में बीपीएससी कार्यालय के सामने लोहिया पथ चक्र के निर्माण स्थल पर रविवार की सुबह भारी बारिश चलते मिट्टी खिसकने से सड़क धंस गयी. यहां फ्लाइओवर के लिए पाइलिंग का काम भी चल रहा है. इस कारण आईपीएस मेस मोड़ से पुनाईचक देवीस्थान तक वाहनों के आवागमन को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. ट्रैफिक एसपी की तरफ से जारी आदेश में कहा गया है कि अगले 72 घंटे अर्थात बुधवार की सुबह तक यह प्रतिबंध प्रभावी रहेगा. सड़क निर्माण में लगे वाहनों को केेवल इसमें छूूट दी जायेगी. उसके बाद के लिए स्थिति की समीक्षा कर आगे का निर्णय किया जायेगा. तब तक वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों का इस प्रकार निर्धारित किया गया है.
1. पश्चिम से पुल के नीचे से पूरब की ओर जाने वाले टेंपू एवं सभी व्यावसायिक वाहनों का परिचालन डुमरा चौकी से दाहिने मुड़ कर हवाई अड्डा के रास्ते होते पटेल गोलंबर, हज भवन, हार्डिंग रोड होते हुए गंतव्य स्थल तक होगा.
2. पश्चिम से पूरब फ्लाईओवर के ऊपर से आने वाले टेंपू एवं अन्य व्यावसायिक वाहन पटना गोल्फ क्लब के पास से यू-टर्न लेकर डुमरा चौकी, पटेल गोलंबर के रास्ते गंतव्य स्थल तक जायेगी.
3. सभी प्रकार के निजी छोटे वाहनों का परिचालन डुमरा चौकी से चिड़ियाखाना गेट नंबर 1, राजवंशी नगर, आइपीएस मेस मोड़ से दाहिने राजेंद्र चौक होते हुए गंतव्य स्थल तक होगा.
4. हाईकोर्ट पहुंचने के लिए पश्चिम की ओर से आने वाले विशिष्ट व्यक्तियों के वाहन आईपीएस मेस मोड़ से होते राजेंद्र चौक, सर्कुलर गोलंबर, कर्पूरी गोलंबर, इको पार्क के रास्ते नवीन सचिवालय, हड़ताली मोड़ होते हुए जायेंगे.
5. पूरब से पश्चिम की ओर आने वाले टेंपो एवं अन्य व्यावसायिक वाहन आयकर गोलंबर से आर ब्लॉक, हज भवन, हार्डिंग रोड, पटेल गोलंबर, हवाई अड्डा और डुमरा चौकी होते हुए गंतव्य स्थल तक जायेंगे
पांच सदस्यीय अभियंता की टीम करेगी
सड़क धंसने की जांच व मॉनीटरिंग
पटना : स्टेशन-दानापुर (बेली रोड) की सड़क पर फ्लाइओवर के पास की सड़क धंसने की घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खुद रविवार को अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया. बेली रोड में लोहिया पथ चक्र निर्माण के हो रहे काम के दौरान सड़क धंसने की जांच अभियंताओं की पांच सदस्यीय टीम को सौंपा गया है. साथ ही लोहिया पथ चक्र निर्माण के लिए सुरक्षा की मॉनीटरिंग भी उनके जिम्मे होगी.
पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख लक्ष्मी नारायण दास इस कमेटी के अध्यक्ष हैं. टीम सड़क के धंसने के कारणों की विस्तारपूर्वक जांच करेगी. इस प्रकार की घटना भविष्य में नहीं हो, इसके लिए सुझाव देगी. अभियंताओं की समिति बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के सहयोग से आईआईटी के विशेषज्ञों की सहायता लेगी. अभियंताओं की टीम यह आकलन करेगी कि नीचे में पानी अधिक आने का स्रोत क्या है. लोहिया पथ चक्र के निर्माण के लिए की जा रही पाइलिंग के दौरान पानी अधिक निकलता है. इस संबंध में लोहिया पथ चक्र निर्माण के लिए डिजाइन बनानेवाली एजेंसी आईआईटी दिल्ली से भी सहयोग लेगी. बेली रोड से होकर मेट्रो प्रोजेक्ट पर भी काम होना है.
ऐसे में मुख्यमंत्री ने बेली रोड के नीचे भू-जल स्तर की जांच कर आगे की योजना तैयार करने का आदेश दिया. पथ निर्माण मंत्री नंदकिशोर यादव ने कहा कि आगे इस तरह की घटना नहीं हो, इसका ध्यान रखा जायेगा.
गड्ढे को भरने का हो रहा काम
लोहिया पथ चक्र के लिए किये गये गड्ढे को पहले पूरा बालू से भरने का काम होगा. इसके बाद दोनों किनारे धंसे हुए सड़क की मरम्मत होगी. अभियंताओं ने बताया कि गड्ढे वाले हिस्से को बालू से भर कर पूरा टाईट करने के बाद ही सड़क निर्माण संभव है. लोहिया पथ चक्र निर्माण के लिए हुई खुदाई के बाद प्लींथ तैयार कर ली गयी है. बगल में पाइलिंग का काम होना है. सड़क के लिए साइड से सपोर्ट भी दिया गया था. बारिश से मिट्टी गीला होने की वजह से सपोर्ट के हटने से सड़क धंस गयी.
लोहिया पथ चक्र : बेली रोड में लोहिया पथ चक्र का निर्माण लगभग 391 करोड़ से हो रहा है. निर्माण कार्य की शुरुआत फरवरी, 2015 में हुआ. दिसंबर, 2017 में काम समाप्त होना था. लेकिन, निर्माण की अवधि बढ़ा कर मार्च, 2019 किया गया है. लोहिया पथ चक्र का निर्माण एसपी सिंघला कर रही है. आईआईटी डिजाइन के साथ सुपरविजन कर रही है.
टीम में ये शामिल
जांच टीम के सदस्यों में जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख, रामपुकार रंजन, ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख सुभाष चंद्रा व बिहार राज्य पथ विकास निगम के मुख्य महाप्रबंधक चंद्रशेखर सहित पथ निर्माण के अभियंता प्रमुख के सचिव आनंद भैरव प्रसाद सदस्य सचिव बनाये गये हैं.
