अनिकेत
पटना : वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के संदर्भ में सबसे दिलचस्प तैयारी की जा रही है. निर्वाचन आयोग की मंशा है कि प्रत्येक लोकसभा चुनाव में जितने भी उम्रदराज मतदाता हैं, उनकी वोटिंग सुनिश्चित की जाये.
जिला निर्वाचन कार्यालय ने इस दिशा में तैयारी शुरू कर दी है. जिला निर्वाचन कार्यालय ने दस्तावेजी रिपोर्ट जुटायी है कि जिले में 1561 लोग उम्र के लिहाज से ‘शतकवीर’ हैं. इनकी सूची तैयार कर ली गयी है. ये वैसे मतदाता हैं, जिनकी उम्र 99 से लेकर 108 वर्ष तक की है.
इनका डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया जा चुका है. जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी रत्नांबर निलय बताते हैं कि ऐसे मतदाताओं का भौतिक सत्यापन अब अंतिम चरण में है. अब तक के यह पता चला है कि इनमें 90 फीसदी से अधिक वोटर जिंदा हैं. निलय के मुताबिक इनकी वोटिंग सुनिश्चित करने के मुकम्मल उपाय होंगे. जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से लोकसभा चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी गयी हैं.
अब ग्रामीण बूथों पर भी 1400 वोटर
निर्वाचन आयोग ने अपने नये निर्देश में संशोधन कर दिया है. जिला निर्वाचन कार्यालय अब तक ग्रामीण क्षेत्र के बूथों पर अधिकतम 1200 व शहरी क्षेत्रों के बूथों पर अधिकतम 1400 वोटरों की वोटिंग की तैयारी में था. नये संशोधन में अब ग्रामीण क्षेत्र के बूथों पर भी 1400 वोटर की क्षमता के आधार पर काम किया जा रहा है.
वहीं, जिला निर्वाचन कार्यालय में 27 जुलाई को क्षेत्र के राजनीतिक दलों के साथ बैठक होनेवाली है. इसके बाद सभी विधानसभा क्षेत्र में मतदान केंद्रों की संख्या से लेकर मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन कर दिया जायेगा.
महाराष्ट्र से मंगायी जा रही ईवीएम
राज्य में मतदान के लिए देश भर से ईवीएम मंगाये जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है.राज्य के करीब 62,680 मतदान केंद्रों के लिए तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश से लेकर जम्मू कश्मीर तक से ईवीएम लायी जा रही हैं. इसके अलावा पटना जिले के लिए महाराष्ट्र से ईवीएम लाने की तैयारी है. जानकारी के अनुसार पटना जिले में फिलहाल 4,203 बूथ हैं. इसकी संख्या में लगभग 200 से 300 का इजाफा होने की संभावना है. फिलहाल पटना को 5550 ईवीएम की जरूरत है.
मतदान केंद्रों पर मिलेगी विशेष सुविधा
इस बार के चुनाव में निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार दिव्यांगों और 100 वर्ष की उम्र तक पहुंच चुके वोटरों की वोटिंग के लिए विशेष पहल की जा रही है. जानकारी के अनुसार दिव्यांग मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने के लिए निर्वाचन आयोग अपने स्तर से पहल कर रहा है.
उसी प्रकार 100 वर्ष के उम्र तक पहुंच चुके मतदाताओं को भी मतदान केंद्रों तक आने के लिए संसाधन मुहैया कराने का प्लान है. इसके अलावा उनको मतदान केंद्रों पर लाइन में भी लगने की झंझट से मुक्ति मिलेगी. वे लोग सीधे आकर वोेटिंग कर सकेंगे. वहीं, आदर्श मतदान केंद्रों पर पेयजल, ट्राइसाइकिल से लेकर प्राथमिक उपचार आदि की भी सुविधा मुहैया करायी जायेगी.
