पटना : अनुसूचित जाति व जनजाति के कर्मचारियों व अधिकारियों को प्रोन्नति में आरक्षण मिलेगा. बिहार सरकार ने इसके लिए संकल्प पत्र जारी कर दिया है. प्रोन्नति में आरक्षण समाप्त करने के उच्च न्यायालय के फैसले के बाद अप्रैल, 2016 में सरकार ने अधिसूचना जारी की थी. इसके बाद मूल कोटि वरीयता को आधार बनाकर प्रोन्नति की कार्रवाई प्रारंभ की गयी थी.
सर्वोच्च न्यायालय ने 17 मई व 5 जून, 2018 को दिये गये आदेश के बाद केंद्र सरकार की ओर से प्रोन्नति में आरक्षण देने के बाबत दिशा-निर्देश जारी किया था. इसी के आलोक में सरकार ने आईएएस अधिकारी अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय कमेटी गठित की थी. इस पर विधि विभाग की भी राय ली गयी है. सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में केंद्र की ओर से जारी पत्र और उच्च स्तरीय कमेटी की अनुशंसा के मद्देनजर राज्य सरकार ने प्रोन्नति में आरक्षण देने का फैसला लिया है. प्रोन्नति अब मूल कोटि वरीयता के आधार पर न होकर फिडर कैडर के आधार पर दी जायेगी.
