पटना : प्रदेश में गरीब परिवार में जन्मी बेटियों की उचित देखभाल के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत इस साल एक लाख आवेदन का लक्ष्य रखा गया है.
सरकार इसे लेकर बेहद संजीदा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा अगस्त महीने में इसकी समीक्षा करने की संभावना है. इसे लेकर समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को तैयारी का निर्देश जारी किया है.
समाज कल्याण विभाग के आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि प्रदेश में बेटियों के जन्म को बढ़ावा देने, लिंग-भेद की समस्या दूर करने, कन्या भ्रूणहत्या को रोकने, लिंगानुपात को बढ़ाने और जन्म-निबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना की शुरुआत वर्ष 2007-08 में की गयी थी. योजना का संचालन 38 जिलों के 544 प्रखंडों में आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिये किया जा रहा है.
क्या है योजना
मुख्यमंत्री कन्या सुरक्षा योजना के तहत बीपीएल परिवार में 22 नवंबर 2007 के बाद जन्म लेने वाली बेटियों को सरकार की ओर से 2000 रुपये का निवेश प्रमाणपत्र दिया जाता है. यह निवेश आईडीबीआई और यूको बैंक के चिल्ड्रेन कैरियर बैलेंस प्लान फंड में किया जाता है. 18 वर्ष पूरा होने पर उसकी पूरी राशि बेटी के नाम उपलब्ध करा दी जाती है.
