पटना : बेल्ट्रॉन के माध्यम से विभिन्न कार्यालयों में आउटसोर्सिंग पर कार्यरत प्रोग्रामर, डाटा इंट्री ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर और आईटी ब्वॉय की मानदेय राशि के पुनर्निर्धारण से 95 फीसदी ऑपरेटर ठगा महसूस कर रहे हैं. ये वो ऑपरेटर हैं जिनकी बहाली 2016 से पहले हुई है. जहां 2016 के बाद ऑनलाइन परीक्षा से बहाल ऑपरेटरों का मानदेय एकमुश्त 70 फीसदी बढ़ कर 17,150 रुपये (इन हैंड) हो गया है.
वहीं वर्ष 2000 से 2015 तक बहाल हुए ऑपरेटरों का मानदेय महज 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और उनका मानदेय 13,292 रुपये (इन हैंड) ही रह गया है. दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण कर
ग्रेड हासिल करने वाले पुराने ऑपरेटरों के मानदेय में भी नाम मात्र की बढ़ोतरी हुई है.तीन भागों में बांटे गये डाटा इंट्री ऑपरेटर : वेतन पुनर्निर्धारण के बाद डाटा इंट्री ऑपरेटर तीन भागों में बांट दिये गये हैं. 2016 के बाद से ऑनलाइन परीक्षा के जरिये बहाल ऑपरेटरों को 17,150 रुपये (इन हैंड) की सैलरी दी जा रही है.
इनसे पहले बहाल (2000 से 2015 के बीच) ऑपरेटरों की दक्षता परीक्षा 2013 में हुई थी. इसमें पास ऑपरेटरों को ग्रेड वन (दस साल से अधिक अनुभव) एवं ग्रेड टू (तीन साल से अधिक अनुभव) में रखा गया. बाकी अनुत्तीर्ण माने गये, जिनकी सैलरी में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई. हालांकि इसके बाद कोई दक्षता परीक्षा ली भी नहीं गयी.
अनुभव पर नये कर्मियों को प्राथमिकता डाटा इंट्री ऑपरेटर संगठन के अध्यक्ष विशाल कुमार ने कहा कि दो दशकों से सरकारी कार्यालयों में कार्यरत पुराने व अनुभवी कर्मियों की दक्षता का कोई मोल नहीं है. यही वजह है कि दक्षता परीक्षा उत्तीर्ण ग्रेड के ऑपरेटरों की मानदेय राशि बढ़ायी नहीं गयी है.
उन्होंने मांग रखते हुए कहा कि अनुत्तीर्ण पुराने एवं अनुभवी कर्मियों के मानदेय में 17,150 रुपये को बेसिक मानते हुए उस पर 20 प्रतिशत के मानदेय में बढ़ोतरी की जाये या 20 हजार रुपये इन हैंड दिया जाये. साथ ही ग्रेड टू एवं वन के वर्तमान मानदेय को क्रमश: 25 हजार एवं 30 हजार रुपये इन हैंड किया जाये.
