अब बिहार के कैदी भी जेल से ही कर सकेंगे ग्रेजुएशन-पीजी

पटना : राज्य के कैदी भी अब ग्रेजुएशन, पीजी, डिप्लोमा आदि की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे. इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) द्वारा 16 जिलों के जेलों में स्टडी सेंटर खोला जायेगा. यही नहीं पटना के बेउर जेल में बंद पड़े सेंटर को दोबारा से शुरू किया जायेगा. इससे कैदियों के लिए पढ़ाई करने का […]

पटना : राज्य के कैदी भी अब ग्रेजुएशन, पीजी, डिप्लोमा आदि की डिग्री प्राप्त कर सकेंगे. इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) द्वारा 16 जिलों के जेलों में स्टडी सेंटर खोला जायेगा. यही नहीं पटना के बेउर जेल में बंद पड़े सेंटर को दोबारा से शुरू किया जायेगा. इससे कैदियों के लिए पढ़ाई करने का सपना पूरा हो सकेगा और जेल में भी वे उनके लिए पढ़ने की सुविधा मुहैया करायी जायेगी.
उनके लिए क्लास भी लगेगी.उन्हें पाठ्यपुस्तक दिये जायेंगे. वे परीक्षा भी दे पायेंगे और डिग्री भी जेल के भीतर ही मुहैया करायी जायेगी. यह पूरी तरह से नि:शुल्क होगा. इसके लिए जेल आइजी के साथ बैठक में सहमति प्राप्त हो चुकी है, जल्द ही वे प्रोपोजल भेजने जा रहे हैं. इग्नू के क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में क्षेत्रीय निदेशक डॉ अभिलाष नायक यह जानकारी दी.
तीन जिलों में खोला जायेगा नया सेंटर : उन्होंने कहा कि इग्नू क्षेत्रीय कार्यालय के तीन जिलों में स्टडी सेंटर नहीं हैं. हम वहां भी अपने सेंटर खोलेंगे. अब नवादा, अरवल व औरंगाबाद में भी इग्नू के सेंटर होंगे.
गांव लेंगे गोद, एससी-एसटी को फ्री एजुकेशन
इग्नू दानापुर खगौल के गोरगांवा गांव को गोद लेगी. ग्रामीणों के लिए एग्रीकल्चर आधारित कोर्स में पचास प्रतिशत की छूट रहेगी. एससी-एसटी छात्र किसी भी कोर्स में निशुल्क नामांकन ले सकते हैं. इसके अतिरिक्त जल्द ही हम एक प्लेसमेंट सेल भी बनाने जा रहे हैं, जो छात्रों की मदद करेगी.
ऑनलाइन फेसिलिटेशन सेंटर के माध्यम से हम क्षेत्रीय कार्यालय में आनेवाले छात्रों का ऑनलाइन नामांकन करा रहे हैं. इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है. यही नहीं ट्रांसजेंडर, एससी-एसटी छात्रों के लिए भी अब इग्नू में ऑफलाइन नामांकन नि:शुल्क है.
जल्द ही मीठापुर में शिफ्ट होगा कैंपस : जल्द ही बिस्कोमान भवन से इग्नू का कैंपस मीठापुर में अपने भवन में शिफ्ट होगा. भवन बनकर तैयार है.
बीएड कोर्स को जल्द शुरू किया जायेगा. कोर्स मेटेरियल को हिंदी माध्यम में करने का प्रोपोजल भी भेजा जा रहा है. प्री-एडमिशन सपोर्ट सिस्टम व पोस्ट एडमिशन सपोर्ट सिस्टम भी हम करने जा रहे हैं.

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