पटना. संगीता कुमारी की मौत की सूचना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया. संगीता ही अपने परिवार की इकलौती कमाऊ संतान थी और काफी गरीबी में रह कर उसने सीडीपीओ की परीक्षा 2008 में पास की. इसके बाद 2009 में ज्वाइनिंग हुई. सीडीपीओ बनते ही उसके लिए अच्छे परिवारों से रिश्ते आने लगे. एक डिप्टी कलक्टर भी शादी के लिए तैयार हो गया.
लेकिन उसने परिवार की खातिर शादी करने से इन्कार कर दिया. उस��ी इच्छा थी कि उसका भाई संजीव उर्फ टिंकू भी कहीं सरकारी नौकरी कर ले और जब वह घर को संभालने लगे, तो ही खुद शादी करे. फिलहाल उसकी एक रेलवे इंजीनियर से शादी की बात भी हो रही थी. लेकिन होनी को यह मंजूर नहीं था. भाई अपनी बहन की डोली काे कंधा देने का सपना संजाेये था.
लेकिन मौत की खबर मिलते ही जगदेव पथ स्थित अनुराधा अपार्टमेंट स्थित आवास से उसके पिता विशुनदेव गुप्ता व भाई संजीव गुप्ता आनन-फानन में बख्तियारपुर पहुंचे. संगीता घर में अपने पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी.
