अपहरण व रेप पीड़िता ने दबाव में कोर्ट में दिया झूठा बयान

पीड़िता ने बक्सर के एक नेता पर लगाया दबाव देने का आरोप पटना : परसा बाजार थाना क्षेत्र से किडनैपिंग और रेप के बाद घर आयी नाबालिग पीड़िता का शनिवार को कोर्ट में 164 के तहत बयान कराया गया. इस दौरान पीड़िता ने यह बयान देकर भूचाल ला दिया कि उसकी किडनैपिंग नहीं की गयी […]

पीड़िता ने बक्सर के

एक नेता पर लगाया दबाव देने का आरोप
पटना : परसा बाजार थाना क्षेत्र से किडनैपिंग और रेप के बाद घर आयी नाबालिग पीड़िता का शनिवार को कोर्ट में 164 के तहत बयान कराया गया. इस दौरान पीड़िता ने यह बयान देकर भूचाल ला दिया कि उसकी किडनैपिंग नहीं की गयी थी बल्कि उसके पिता और भाई उसकी पिटायी करते थे, इसलिए वह घर से भाग गयी थी. बयान देने के बाद जब पीड़िता कोर्ट से बाहर निकली, तो मीडिया के सामने हकीकत बयां की. उसने बताया कि बक्सर के एक नेता और उप मुखिया ने धमकी दी थी कि किडनैप और रेप करने वाले दोनों आरोपितों संदेश तथा टिंकू के खिलाफ अगर बयान दोगी, तो तुम्हारे मां-बाप की हत्या कर दी जायेगी.
इसलिए भयवश उसने कोर्ट में झूठा बयान दिया. इसके बाद पीड़िता को एसएसपी कार्यालय लाया गया. जहां एसएसपी मनु महाराज और सदर डीएसपी सुशांत कुमार सरोज ने दोबारा पीड़िता से पूछताछ की और बयान लिया. यहां भी उसने उप मुखिया समेत दो नेताओं द्वारा धमकी दिये जाने की बात बोली. इसके बाद एसएसपी ने उसे आश्वस्त किया कि वह डरे नहीं, आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. एसएसपी का कहना है कि पीड़िता धमकी देने वालों का नाम नहीं बता पा रही है, लेकिन धमकी के संबंध में जांच की जा रही है. अब दोबारा कोर्ट में 164 के तहत बयान कराया जायेगा.
बिहटा और कोईलवर में रखा गया था पीड़िता को : परसा बाजार थाना क्षेत्र से 17 जून को एक नाबालिग लड़की गायब हो गयी थी. इस मामले में उसके घरवालों ने थाने में कांड संख्या 169/18 के तहत अपहरण का मामला दर्ज कराया गया था. इसमें गांव के ही संदेश और टिंकू के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था. दो दिन पहले पीड़िता दोनों के चंगुल से छूट कर घर आ गयी. उसने पुलिस के सामने दिये गये बयान में कहा है कि संदेश और टिंकू ने उसका अपहरण कर लिया था. इस दौरान उसे बिहटा और कोईलवर
में रखा गया.
मुख्य आरोपित है फरार
घटना का मुख्य आरोपित टिंकू अब भी फरार चल रहा है, जबकि संदेश को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दरअसल इस मामले में पीड़िता के अपहरण के बाद जब पुलिस दोनों की तलाश करने लगी, तो दोनों आरोपित उप मुखिया और एक अन्य नेता की शरण में चले गये. इसके बाद से ही इस पूरे मामले को मैनेज करने की कोशिश की गयी. पीड़िता से पहले बातचीत की गयी और फिर उसे धमकी दी गयी. उस पर दबाव बनाया गया कि वह कोर्ट में यह बयान नहीं दे कि उसका अपहरण किया गया था. हुआ भी यही, पीड़िता ने कोर्ट के सामने झूठा बयान दिया. हालांकि बाहर निकलने के बाद मीडिया और पुलिस को बताया कि उसने डर के कारण गलत बयान दिया है. अब उसका दोबारा बयान होगा और मेडिकल भी कराया जायेगा.

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